मेरठ में ग्राम पंचायत माछरा के ग्रामीणों ने इस बार पंचायत चुनाव में युवा निर्मला शर्मा को गांव की बागडोर सौंपी हैं। निर्मला का राजनीति से दूर-दूर तक कोई वास्ता नहीं है, लेकिन गांव का विकास कराने के उद्देश्य से उन्होंने अपनी दावेदारी पेश की और पहले ही प्रयास में जीत हासिल की। गांव में पेयजल टंकी निर्माण कराकर ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल मुहैया कराना उनकी प्राथमिकता में है।
मेरठ-गढ़ मार्ग पर स्थित गांव माछरा में प्रधान पद के नौ प्रत्याशी चुनाव मैदान में थे। लेकिन ग्रामीणों ने निर्मला शर्मा को चुना। उनके पति यतेन्द्र शर्मा खेती, ठेकेदारी और समाजसेवा में सक्रिय हैं। प्रधान ने कहा कि वह लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरने का प्रयास करेंगी। फिलहाल गांव में फैल रहे कोरोना संक्रमण से ग्रामीणों को बचाना ही प्राथमिकता में है।
इसके लिए गांव की साफ सफाई व सैनिटाइजेशन पर काम किया जा रहा है। इसमें ग्रामीणों का भी सहयोग लिया जा रहा है। प्रधान ने बताया कि गांव में कई ऐसे परिवार हैं, जिनके पास पक्के मकान नही हैं। सरकारी योजनाओं से उनके घर पक्के कराने हैं। बेरोजगारों को मनरेगा में काम दिलाना है। खराब हैंडपंप ठीक कराए जा रहे हैं, जिससे गर्मी में पानी का संकट पैदा न हो सके।
परिचय
नाम : निर्मला शर्मा
आयु : 33 वर्ष
शिक्षा : हाईस्कूल
राजनैतिक जीवन : प्रथम बार ग्राम प्रधान चुनी गई।
ग्राम पंचायत पर एक नजर
आबादी : करीब 9 हजार
कुल मतदाता : 2947
कुल मत पडे : 1825
कुल मत मिले : 716
ये रहेंगी प्राथमिकताएं
- गांव में पेयजल टंकी का निर्माण
- छात्र-छात्राओं के लिए मिनी स्टेडियम बनवाना
- बच्चों को शिक्षा के प्रति जागरूक करना
- गरीबों के लिए पक्के आवास का निर्माण
आजादी के पहले से शिक्षा में अग्रणी
माछरा गांव आजादी के पहले शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी रहा है। यहां के चौधरी शिवनाथ सिंह शांडिल्य ने 1946 में इंटर कॉलेज का निर्माण कराया। इसके बाद यह स्कूल 1955 में कृषि संकाय का डिग्री कॉलेज बना। यहां पर अब परास्नातक स्तर पर कृषि की पढ़ाई होती है। प्रदेश के विभिन्न प्रांतों के छात्र-छात्राएं यहां कृषि की पढ़ाई करने आते हैं। कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सतीश शर्मा और प्रबंधक समिति के सचिव डॉ. अशोक त्यागी सदैव कॉलेज की उन्नति के लिए प्रयासरत रहते हैं।