दो महीने पहले भरा था फार्म
किराए पर ठेला लेकर आइसक्रीम बेचने वाले मंशाराम झुग्गी बस्ती में रहते हैं। दो बच्चे हैं। वह दुकानों पर भी काम करते हैं। दो महीने पहले इस शख्स ने प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना का फार्म भरवाया था। सोचा था कि अपना ठेला लेकर सामान बेचेंगे और लोन चुका देंगे, लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ।
लॉकडाउन में उधार लिया, हालात खराब
40 साल से औघड़नाथ मंदिर के पास प्रसाद और फूल बेचने वाले नंद किशोर का काम अनलॉक के बाद भी पहले जैसा नहीं चल रहा है। लॉकडाउन में उधार लेना पड़ गया। उम्मीद थी कि योजना में 10 हजार रुपये मिल जाएंगे तो उधार चुकाने के साथ ही काम में भी मदद मिलेगी। दो महीने पहले इस शख्स ने भी फार्म भरवाया था, लेकिन पता नहीं फिर क्या हुआ।
आवेदन किया था फिर पता नहीं चला
नगर निगम में कागजात फीड कराने पहुंचे किशनपुरा निवासी दिनेश कुमार उपाध्याय ने बताया कि वह मलियाना पुल के पास फल की रेहडी लगाता है। नगर निगम कर्मियों ने 200 रुपये की रसीद काटकर आवेदन कराया था।
मदद मिल जाएगी तो काम शुरू होगा
खत्ता रोड पर फलों के जूस का ठेला लगाने वाले फुरकान ने बताया कि अगर योजना से 10 हजार रुपये की मदद मिल जाएगी तो फिर से काम शुरू होने में मदद मिलेगी।
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