ये मिलेगा लाभ
इन प्लांट्स में तैयार होने वाली कंप्रेस्ड बायोगैस को सरकार खरीदेगी और उसका इस्तेमाल वाहनों के ईंधन के तौर पर कराएगी। इस योजना के जरिए सरकार सस्ता वाहन ईंधन जनता को देगी। वहीं, पर्यावरण को साफ करने के लिए कृषि अवषेशों का सही इस्तेमाल होगा और पशुमल तथा शहरी कचरे का इस्तेमाल भी होगा।
2500 डेयरियों से निकलता है 400 मीट्रिक टन गोबर
मेरठ में गोबर की समस्या कई वर्षों से बनी हुई है। इसके लिए लोकेश खुराना ने कई बार हाईकोर्ट में डेयरियों को शहर से बाहर करने के लिए जनहित याचिका दायर की। हाईकोर्ट में दाखिल हलफनामे के मुताबिक शहर में 27 हजार पशु हैं। 2500 डेयरियों से रोजाना 400 मीट्रिक टन गोबर निकलता है। हाईकोर्ट ने प्रशासन को डेयरियों को शहर से बाहर करने के आदेश दिए लेकिन जमीन की उपलब्धता न होने के कारण कुछ नहीं हो सका। अब पेट्रोनेट एलएनजी के इस प्रयास से शहर को बड़ी राहत मिल सकती है।
अभी तक यहां लगा है प्लांट
गुजरात के सूरत, सुरेंद्र नगर और सुंदलपुरा, महाराष्ट्र के सांगली, कोल्हापुर और पुणे, तमिलनाडु के नामक्कल, तेलंगाना के शादनगर, हरियाणा के रोहतक, आंध्र प्रदेश के कड़ापा, पंजाब के लुधियाना में प्लांट लगा है।