कोरोना की जांच के लिए सैंपल लेता स्वास्थ्य कर्मी।
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कोरोना की दूसरी लहर से निपटने के लिए प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की पुख्ता तैयारी नहीं थी। दूसरी लहर में कोरोना का फैलाव ही ज्यादा नहीं था, संक्रमण अधिक जानलेवा था। नतीजतन, पहली लहर के 13 माह (मार्च 2020 से मार्च 2021) पर दूसरी लहर के दो माह (अप्रैल-मई 2021) भारी पड़ गए। पहली लहर में जहां 21,817 मरीज मिले और 410 लोगों की मौत हुई, वहीं दूसरी लहर में दोगुने से ज्यादा 43,507 मरीज मिले और 364 लोगों की जान चली गई।
मेरठ में कोरोना की दूसरी लहर में हाहाकार मचा रहा। हर तरफ तड़पते मरीज और बिलखते तीमारदार थे। किसी को बेड नहीं मिला तो किसी ने ऑक्सीजन और इलाज के अभाव में दम तोड़ दिया। जिले में अब तक की दोनों लहर में 14 लाख 85 हजार 402 लोगों के सैंपलों की जांच हो चुकी है। इनमें 65,324 लोग संक्रमित निकले हैं और 774 लोगों की मौत हुई है।
23 से 31 मई के बीच सर्वाधिक मौतें
दूसरी लहर में नौ से 15 मई के बीच 101 मौतें हुईं। सबसे ज्यादा 117 लोगों की मौत 23 से 31 मई के बीच हुईं। सबसे ज्यादा मरीज 17 से 24 अप्रैल के बीच 9267 और नौ से 15 मई के बीच 9236 मिले।
पहली लहर
माह मरीज मृत्यु
मार्च 01 00
अप्रैल 142 06
मई 274 22
जून 562 43
जुलाई 1135 20
अगस्त 1911 30
सितंबर 5241 108
अक्तूबर 3560 70
नवंबर 5038 72
दिसंबर 2858 25
जनवरी 537 08
फरवरी 123 05
मार्च 435 01
दूसरी लहर
अप्रैल 20,314 51
मई 23,193 313
दूसरी लहर: ऐसे बढ़ा मौतों का ग्राफ
1 से 7 अप्रैल 02
8 से 16 अप्रैल 11
17 से 24 अप्रैल 15
25 अप्रैल से 01 मई 30
02 से 08 मई 59
09 से 15 मई 101
16 से 22 मई 29
23 से 31 मई 117
अब काबू आने लगे हालात
पूरे प्रदेश में कोरोना की दूसरी लहर ज्यादा खतरनाक रही। अब काफी हद तक संक्रमण में कमी आई है। तीसरी लहर रोकने की तैयारी की जा रही है।
- डॉ. अखिलेश मोहन, सीएमओ