मजबूरी में फैशन, शौक छूटे पीछे
हीरे के गहनों का काम बहुत मंदा है। हीरा लोग फैशन, शौक और दिखावे के लिए लेते हैं। आपातकाल है लोग शौक या फैशन भूल चुके हैं। लोग सोने के गहने नहीं खरीद रहे तो हीरे के गहने खरीदना दूर की बात है।
- अंकुर जैन, जैना ज्वेलर्स
निवेश, वापसी में कारगर नहीं हीरा
कोरोना काल में बाजार में सोने की वापसी हुई, लेकिन हीरे की कोई वापसी नहीं हुई। जितनी आसानी से सोने, चांदी की वापसी होती है, हीरे की वापसी उतनी मुश्किल है। अब लोग हीरे से हटकर सोने की ओर बढ़ रहे हैं।
- रविप्रकाश अग्रवाल, सराफा कारोबारी
हीरे का मेंटेनेंस है कठिन
सोने से ज्यादा हीरे का मेंटेनेंस कठिन है। जबकि हीरे को होल्ड करना, ट्रांजिट और डेवलपमेंट कॉस्ट लगातार बढ़ रही है। इसलिए इन दिनों हीरे की कोई खरीद नहीं हो रही। सोने के जेवर पर लोगों का अधिक रुझान है।
- सुयश रस्तोगी, संचालक ज्वैलर्स
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