ट्रॉली का भी होता है पंजीकरण
कामर्शियल कार्य के लिए ट्रैक्टर के साथ ट्रॉली का भी पंजीकरण कराना पड़ता है। पंजीकरण कराने के लिए पहले ट्रैक्टर व ट्रॉली की फिटनेस 1200 रुपये में होती है। इसके बाद 7100 रुपये फीस लेकर परमिट जारी होता है। पंजीकरण के बाद ट्रैक्टर स्वामी को ट्रैक्टर के लिए प्रति तिमाही एक हजार रुपये और ट्रॉली के लिए 200 रुपये प्रति टन प्रति तिमाही टैक्स देना होता है। ट्राली पर टैक्स उसके साइज और वजन के हिसाब से लगता है। अमूमन ट्राली लोड 7 से 9 टन में पास किया जाता है।
यह है स्थिति
जनपद में एग्रीकल्चर ट्रैक्टर 15350
कामर्शियल ट्रैक्टर 551
एग्रीकल्चर ट्रॉली 31
कॉमर्शियल ट्रॉली 511
अवैध ट्रैक्टर-ट्रॉली करीब 2300
क्या कहते हैं ट्रांसपोर्टर
माल ढुलाई के लिए ट्रांसपोर्टरों ने छोटी-बड़ी गाड़ी बनाई हुई हैं, लेकिन इस कारोबार में अवैध ट्रैक्टरों की एंट्री से ट्रांसपोर्टरों की आय पर असर पड़ रहा है। आरटीओ से इन पर लगाम लगाने को कहा जाता है, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही। - गौरव शर्मा, अध्यक्ष मेरठ ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन
फिर चलेगा अभियान
कामर्शियल ट्रैक्टरों की आड़ में कुछ अवैध ट्रैक्टर संचालित हो रहे हैं। इनके खिलाफ कई बार अभियान चलाकर चालान किया गया है। कोरोना महामारी में धरपकड़ में कमी आई थी, अब इसे फिर से तेज किया जाएगा। अवैध वाहनों को चलने नहीं दिया जाएगा। - दिनेश कुमार, एआरटीओ प्रवर्तन मेरठ