कोरोना की तीसरी लहर आएगी या नहीं। आएगी तो क्या बच्चों को प्रभावित करेगी। इस पर अभी विशषज्ञों में मतभेद हैं लेकिन मेरठ में तीसरी लहर और बच्चों पर उसके असर के अंदेशे के मद्देनजर तैयारी शुरू कर दी गई है। जिले में अभी तक पीआईसीयू नहीं है। मुख्य कोविड केंद्र में भी बच्चों के इलाज के लिए अलग से व्यवस्था नहीं है।
तय किया गया है कि कोविड संक्रमित बच्चों के इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज में 30 नहीं, अब 100 बेड की पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट (पीआईसीयू) बनाई जाएगी। 50 बेड का आइसोलेशन वार्ड, 25-25 बेड का आईसीयू व जनरल वार्ड होगा। इनमें 25 वेंटिलेटर रहेंगे। फिलहाल, पुरानी बिल्डिंग में ही इसका सेटअप बनाया जाएगा। इस बीच जिला महिला अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग में 10 बेड का पीआईसीयू वार्ड तैयार हो गया है। ऑक्सीजन पाइप लाइन बिछाने की तैयारी है। ऑक्सीजन की व्यवस्था होते ही यह शुरू हो जाएगा।
दोनों जगह पीआईसीयू के बेहतर संचालन के लिए सीएमओ डॉ. अखिलेश मोहन ने तीन सदस्य कमेटी बनाई है। इसमें मेडिकल कॉलेज से बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. नवरत्न, जिला महिला अस्पताल से बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आनंद प्रकाश और पीएल शर्मा जिला अस्पताल से डॉ. अशोक कटारिया शामिल हैं।
तीसरी लहर के लिए उठा रहे कदम
यह तैयारी कोरोना की तीसरी लहर के मद्देनजर है, जिसका अंदेशा है। एहतियाती तौर पर यह कदम उठाए जा रहे हैं।
- डॉ, ज्ञानेंद्र कुमार, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज
सेटअप और ट्रेनिंग एक साथ
100 बेड के वार्ड के लिए स्टाफ को ट्रेनिंग दी जाएगी। सेटअप और ट्रेनिंग का काम एक साथ होगा। हम पूरी तरह तैयार हैं।
- डॉ. विजय जायसवाल, प्रभारी, बाल रोग विभाग, मेडिकल कॉलेज
प्रशासन को करनी है व्यवस्था
जिला महिला अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग में सेटअप तैयार करा दिया। ऑक्सीजन आदि की व्यवस्था प्रशासन को करनी है।
- डॉ. मनीषा अग्रवाल, प्रमुख अधीक्षक, जिला महिला अस्पताल