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रिपोर्ट: विकास की रफ्तार ने घटाया गन्ने का रकबा, चीनी मिलों को पहुंचेगा नुकसान, जानें- गन्ना सर्वे की स्थिति

Sat, 19 Aug 2023 12:56 PM IST
कपिल kapil ऋषिपाल सिंह, संवाद न्यूज एजेंसी, अमर उजाला

सार

Amar Ujala Report : पश्चिमी क्षेत्र में विकास की रफ्तार ने गन्ने की फसल के रकबे को ही घटा दिया है। अब ऐसे में चीनी मिलों को भी नुकसान पहुंचेगा। जानिए आखिर गन्ना सर्वे की स्थिति क्या है।
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गन्ना
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विस्तार
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पश्चिमी उत्तर प्रदेश को शुगर बाउल क्षेत्र कहा जाता है। यहां 70 प्रतिशत से अधिक किसान गन्ने की खेती करते हैं, लेकिन विकास की रफ्तार ने गन्ने की फसल के रकबे को ही घटा दिया है। मेरठ परिक्षेत्र में एक्सप्रेसवे के निर्माणों के चलते इस्तेमाल हुई खेती की जमीन के चलते पिछले सत्र के मुकाबले इस सत्र में 1139 हेक्टेयर गन्ने की फसल कम हुई है। हापुड़ और बागपत क्षेत्र में कार्यों के चलते अधिक प्रभाव पड़ा है।

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मेरठ परिक्षेत्र में मेरठ, बागपत, गाजियाबाद, हापुड़, बुलंदशहर, अलीगढ़ और मथुरा क्षेत्र आता है। इन सभी जिलों को मिलाकर वर्ष 2023-24 सत्र के गन्ना सर्वे में 3,85,163 हेक्टेयर में गन्ने की फसल हुई है जो कि पिछले सत्र 2022-23 के मुकाबले 1139 हेक्टेयर कम है। पिछले सत्र में 3,86,302 हेक्टेयर में गन्ने की फसल हुई थी। इममें पिछले सत्र में 2,02,019 पेड़ी, 1,84,283 पौधे थे। इस सत्र में पेड़ी घटकर 1,92,660 रह गई है और पौधा बढ़कर 1,92,503 हो गया है। परिक्षेत्र के हापुड़ और बागपत में एक्सप्रेसवे के कार्य के चलते गन्ने के रकबे में अधिक कमी आई है। पिछले सत्र में हापुड़ में जहां पौधे और पेड़ी को मिलाकर 41,947 हेक्टेयर गन्ना हुआ था वहीं इस वर्ष यह घटकर 38,346 रह गया है। बागपत में पिछले सत्र में पेड़ी और पौधा जहां 85,491 हेक्टेयर में था वह इस सत्र में घटकर 84,181 हेक्टेयर रह गया है।

मेरठ जिले में बढ़ा रकबा
पूरे परिक्षेत्र में जहां गन्ने का रकबा कम हुआ हैं वहीं मेरठ जिले में इस सत्र में 2789 हेक्टेयर में गन्ने का रकबा बढ़ा है। पिछले वर्ष के सत्र में जिले में 1,55,550 हेक्टेयर में गन्ने की फसल थी, जिसमें 83,121 हेक्टेयर में पेड़ी, 72,429 में पौधा था। इस सत्र में जिले में 1,58,339 हेक्टेयर में गन्ने की फसल है, जिसमें 79,476 हेक्टेयर में पेड़ी और 78,863 हेक्टेयर में पौधा है। पिछले सत्र के मुकाबले इस सत्र में 3,645 हेक्टेयर में पेड़ी कम रही है और पौधा 6,434 हेक्टेयर में अधिक हुआ है।

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मिलों को कम मिलेगा गन्ना
जिन क्षेत्रों में गन्ने का रकबा कम हुआ है उन क्षेत्रों में मिलों को भी कम गन्ना मिलेगा, जिससे उन्हें भी नुकसान पहुंचेगा। हापुड़ क्षेत्र का गन्ना सिंभावली और नंगलामल मिल तक जाता है, इससे दोनों मिल पर गन्ना कम रहेगा। इसके अलावा बागपत क्षेत्र में बागपत, मलकपुर, रमाला मिल समेत कई मिलों का संचालन होता है उन्हें भी कम गन्ना मिलेगा।

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यह है गन्ना सर्वे की स्थिति
पेराई सत्र 2023-24                                                 पेराई सत्र 2022-23
जनपद           पौधा           पेड़ी            योग -              पौधा             पेड़ी             योग

मेरठ-            78863      79476        158339 -        72429        83121         155550
बागपत-        42394      41787         84181    -       41997        43494           85491
गाजियाबाद-   12170     11545          23715 -          11314        12394            23708
हापुड़-          18953      19393         38346 -          19239         22708           41947
बुलंदशहर-     37323      38363         75686  -         36852        38182           75034
अलीगढ़-       2725        2062            4787 -            2366           2095             4461
मथुरा -          75             34               109 -                87             25                 112
योग -          192503    192660        385163 -        184283       202019         386302
(नोट: गन्ने का क्षेत्रफल हेक्टेयर में है)


मेरठ जिले में गन्ने का रकबा बढ़ा है, लेकिन एक्सप्रेसवे के कार्य के कारण हापुड़ और बागपत में रकबा घटा है, जिससे पूरे परिक्षेत्र में रकबे में कमी आई है। - राजेश मिश्रा, उप गन्ना आयुक्त
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