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अमर उजाला लाइव: कैैसे रुकेंगे हादसे, 350 में से एक भी रिफ्लेक्टर नहीं बदला, खंभे हटाने का प्लान भी नाकाम

Mon, 23 Nov 2020 12:07 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर

सार

  • सर्दी और कोहरे से पहले किया गया था इन्हें बदलने का दावा
  • हर महीने 110 से 120 लोगों की सड़क हादसों में जा रही जान
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Road Safety
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में हर महीने 110 से 120 लोगों की जिंदगी सड़कों पर दम तोड़ रही है। अब सर्दी का मौसम आ गया है और कोहरे के कारण हादसे की आशंका अधिक रहती है, इसके बावजूद हाईवे से लेकर अन्य मार्गों पर हादसों को रोकने में बड़ी लापरवाही की जा रही है। कुछ महीने पहले ही दावे किए गए थे कि हाईवे पर खराब रिफ्लेक्टर पाइपों को बदल दिया जाएगा। संकेतक बोर्ड दुुरुस्त किए जाएंगे और अन्य व्यवस्थाओं पर ध्यान दिया जाएगा।
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अमर उजाला की टीम ने इन दावों की हकीकत जानी तो अकेले देहरादून हाईवे पर ही हालात चौंकाने वाले रहे। यहां सहारनपुर से छुटमलपुर के बीच करीब 350 रिफ्लेक्टर पाइप टूटे हुए हैं, इनमें से एक को भी अब तक नहीं बदला गया। हाईवे पर सड़कों से खंभे हटाने का प्लान भी दम तोड़ गया है। कई अन्य खामियां और लापरवाही देखने को मिली। अंबाला हाईवे और अन्य मार्गों के हालात भी ऐसे ही हैं। पेश है रिपोर्ट...।

लापरवाही एक :
सहारनपुर से छुटमलपुर के बीच ही 350 रिफ्लेक्टर पाइप टूटे हुए हैं। इनमें से किसी को भी नहीं बदला गया। इससे रात में डिवाइडर देखने में परेशानी होती। हादसों में वाहन लगातार रिफ्लेक्टर तोड़ भी रहे है।
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लापरवाही दो : देहरादून हाईवे पर एक साल के अंदर हुए हादसों के बाद वाहनों से टूटे डिवाइडरों को अब तक ठीक नहीं किया गया है। कई और जगहों से डिवाइडर टूट चुका है। हाईवे के मोड़ पर टूटे डिवाइडर से भी हादसे हो रहे हैं।

लापरवाही तीन : हाईवे पर सड़क के बीच आ रहे खंभों को हटाने का प्लान तो कई बार बन चुका है, मगर अब तक ऐसा नहीं हो पाया। इतना ही नहीं, रात में खंभों के दिखाई देने के लिए उन पर सफेद पेंट तक नहीं कराया जा सका। ये भी हादसों की वजह बन रहे हैं।

लापरवाही चार : सड़क दूधली से आगे नाला निर्माण के लिए खोदाई के बाद मिट्टी और कीचड़ को भी हाईवे के ऊपर ही डाल दिया गया है। इससे रास्ता संकरा हो गया है। इससे कोहरे के समय और हादसे का खतरा बढ़ जाएगा।

लापरवाही पांच : कुछ जगहों पर हाईवे पर गहरे गड्ढे भी बड़े हादसों का कारण बनते रहे हैं। घने कोहरे के समय इन गड्ढों को देखना भी मुश्किल होगा। इन्हें अब तक नहीं भरा जा सका है। अंदरूनी मार्गों पर भी कई जगह ऐसे ही हालात हैं।
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पुलिस टीमों ने भी बताए थे खतरे के स्थल
- देहरादून हाईवे पर थाना जनकपुरी, जेल चुंगी, टीपी नगर पुलिस चौकी, राकेश केमिकल चौकी, गागलहेड़ी से लेकर आगे फतेहपुर थानों की पुलिस टीमों की ओर से भी कुछ माह पूर्व सड़क हादसों की आशंका जताते हुए खतरनाक प्वाइंट्स चिह्नित किए गए थे। लेकिन इसके बावजूद इस ओर ध्यान नहीं दिया गया है।

हादसों के लिए ये हैं डेंजर प्वाइंट्स
- देहरादून और अंबाला हाईवे पर देहरादून चौक, जेल चुंगी चौक, टीपी नगर मोड़, बड़ी नहर का मोड़, नकुड़ तिराहा, भोजपुर की पुलिया, विश्वकर्मा चौक, सदर तिराहा, राकेश केमिकल तिराहा, दर्पण टॉकेज, हसनपुर चौक, पेपर मिल मोड़ सहित 30 से अधिक स्थलों को डेंजर प्वाइंट्स के रूप में चिह्नित किया जा चुका है।

नगर निगम और अन्य संस्थाओं के माध्यम से ट्रैफिक बूथों को दुरुस्त कराया गया है। सर्दी और कोहरे में हादसों की संभावना को देखते हुए रिफ्लेक्टर पाइपों, संकेतकों और अन्य खामियों को दूर कराने के प्रयास किए जाएंगे। - विनीत भटनागर, एसपी सिटी, सहारनपुर।
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