प्राइमरी स्कूलों का हाल
- फोटो : अमर उजाला
प्राथमिक विद्यालय गांव नागल थानाभवन
स्कूल में केवल 27 छात्र हैं। यहां भी दाल चावल बने थे, बच्चे जमीन पर बैठकर ही खाना खा रहे थे। चावल की क्वालिटी बहुत खराब थी। स्कूल में बच्चों के पीने के लिए पानी तक की व्यवस्था नहीं थी।
प्राथमिक विद्यालय, सलेमपुर कांधला
स्कूल में 123 बच्चे नामांकित बताए गए, लेकिन मौके पर केवल 48 थे। पांच शिक्षक तैनात थे। स्कूल में बच्चे खुले में ही जमीन पर बैठकर खाना खा रहे थे। खाना बनाने वाले स्थान पर साफ सफाई नहीं थी।
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प्राथमिक विद्यालय मलकपुर कांधला
स्कूल में पंजीकृत छात्रों में 186 मौके पर उपस्थित थे, जबकि 10 शिक्षकों की तैनाती थी। छह मौजूद थे। मेन्यू के हिसाब से दाल, चावल बना था, लेकिन खाने से पहले बच्चों के हाथ धोने के लिए साबुन आदि की कोई व्यवस्था नहीं थी।
पूर्व माध्यमिक विद्यालय आर्यपुरी देहात कैराना
स्कूल में 530 छात्र हैं। स्कूल में दाल और चावल बने थे। कक्षा तीन की छात्रा बुशरा ने बताया कि खाने से पहले हाथ धोने के साबुन भी नहीं है। कक्षा तीन की छात्रा सराना ने बताया की मिड डे मील खाने के बाद उन्हें बर्तन स्वयं साफ करने पड़ते हैं। सकीरा ने भी यही कहा, मगर खाना अच्छा बताया। यहां तैनात रसोई माता ने कहा कि पांच महीने से मानदेय नहीं मिला है।
कुछ छात्र बर्तन धोते भी नजर आएं
- फोटो : अमर उजाला
प्रधानाध्यापक नत्थू सिंह ने बताया की 530 बच्चों का खाना बनाने के बाद रसोई माता को बर्तन धोने का समय नहीं मिलता। इस स्कूल के प्रधानाध्यापक की शिकायत थी कि एसएमआई गोदाम से आने वाले अनाज और चावल में सुरसुली आ रही है, जिन्हें साफ करने के लिए रसोई माताओं का एक घंटा बर्बाद हो जाता है।
प्रा.वि.कन्या नंबर 3, 5 और प्राथमिक विद्यालय कलालान कैराना
तीनों स्कूलों एक ही परिसर में हैं। कक्षा 1 से कक्षा 5 तक 408 बच्चे पढ़ते हैं। स्कूल में प्रधानाध्यापक के अलावा केवल 2 शिक्षामित्र और हैं। यहां पर खाना एनजीओ जनकल्याण शिक्षा सेवा समिति हापुड़ के द्वारा सप्लाई किया जाता है। दाल चावल बने थे। छात्रों ने खाने से संतुष्टि जताई।
आज ही बैठक में शिक्षा अधिकारियों को स्कूलों में मिड-डे-मील की गुणवत्ता की नियमित जांच के निर्देश उच्चाधिकारियों को दिए हैं। कहा गया है कि स्कूलों में जाकर बच्चों को दिए जाने वाले भोजन की जांच करते रहें। देखें कि खाना मानक और मेन्यू के अनुसार बन रहा है या नहीं।
- अखिलेश सिंह, डीएम
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