उत्तर प्रदेश के मेरठ में बेसिक शिक्षा विभाग से मान्यता प्राप्त चर्च सिटी जूनियर हाईस्कूल शिक्षा समिति से जड़ुे तीन विद्यालयों अंडरकोट, ठठेरवाड़ा और सदर में नियुक्तियों में मनमानी सामने आई है। मामले में पूर्व बीएसए जीवेंद्र सिंह एरी, सेवानिवृत्त बीएसए मोहम्मद इकबाल और वर्तमान बीएसए सतेंद्र कुमार ढाका के खिलाफ शासन में शिकायत की गई है। मुख्य सचिव के निर्देश पर जिलाधिकारी ने जांच के लिए अपर जिलाधिकारी भूमि अध्यापित की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी गठित की है।
आरटीआई एक्टिविस्ट शाह आलम ने बताया कि सदर चर्च सिटी जूनियर हाईस्कूल में वर्तमान में प्रबंधक रमेश गिल की पत्नी रोजा गिल ने 1976 में बीटीसी की फर्जी डिग्री प्राप्त कर 1990 से 2018 तक नौकरी की। 2 फरवरी, 2019 से वह पेंशन ले रही हैं। शाह आलम का आरोप है कि फर्जी कागजों के आधार पर सरकारी खजाने से 50 लाख रुपये तक की रकम ली गई है।
उधर, चर्च सिटी शिक्षा समिति के अध्यक्ष अनिल शर्मा ने बताया वर्ष 2015-16 में बीएसए जीवेंद्र सिंह ने एरी ने तत्कालीन अध्यक्ष अजय त्यागी के विरोध के बावजूद अपने ट्रांसफर से तीन दिन पूर्व अंडरकोट, ठठेरवाड़ा और सदर में तीन प्रिंसिपल नियुक्त किए थे।
इनमें एक प्रिंसिपल का डिग्री कॉलेज में पांच साल का अनुभव दिखाया गया। दूसरे ने दूरस्थ शिक्षा से बीएड किया है। साथ ही सेवानिवृत्त हो चुके बीएसए मोहम्मद इकबाल ने 2016-17 में तीनों विद्यालयों में छह शिक्षकों की नियुक्ति की थी।