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एक्सक्लूसिव : लोन नहीं चुकाया तो फोटो पर लिखा चोर, फिर की अभद्रता, ये है पूरा मामला

Fri, 16 Apr 2021 06:08 PM IST
कपिल kapil अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ

सार

मोबाइल एप से ऋण बांटने वाली फाइनेंस कंपनियां किस्त न चुकाने पर सोशल मीडिया पर उपभोक्ताओं को अपमानित कर रही हैं।
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सांकेतिक तस्वीर
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विस्तार
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मोबाइल एप से ऋण बांटने वाली फाइनेंस कंपनियां किस्त न चुकाने पर सोशल मीडिया पर उपभोक्ताओं को अपमानित कर रही हैं। उनके रिश्तेदारों के साथ भी एजेंट फोन पर अभद्रता कर रहे हैं। फेसबुक और वाट्सएप आईडी पर चोर तक लिखा गया है। लोन चुकाने में असमर्थ कुछ लोगों ने यह खुलासा किया है। ऐसी शिकायतों पर ही दो कंपनियों पर रोक भी लग चुकी है। इसके बावजूद ऐसी शिकायतें कम नहीं हो रही हैं। मेरठ में आरबीआई की गाइडलाइन को ताक पर रखकर करीब आठ फाइनेंस कंपनियां अब भी मनमानी कर रही हैं।

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ये कंपनियां लोन लेने वाले व्यक्ति की पर्सनल डिटेल्स लेकर सोशल मीडिया पर शेयर कर रही हैं। सोशल साइट्स पर उन्हें डिफाल्टर और चोर घोषित किया जा रहा है। लोगों की फोन लिस्ट में सेव नंबरों की सीरिज में संदेश भेजकर भी अपमानित किया जा रहा है। कुछ लोगों को फर्जी लीगल नोटिस तक भेजे गए हैं। दरअसल, लॉकडाउन के दौरान काफी संख्या में लोगों के व्यापार प्रभावित हुए। ऐसे में बैंकों ने भी उन्हें लोन देने से इनकार कर दिया। इसके बाद लोगों को इन कंपनियों का सहारा लेना पड़ा। 

किस्त नहीं चुका पाए तो दी गई धमकियां

केस - 1 
सरधना निवासी एक व्यक्ति ने बताया कि उसने 30 हजार रुपये का लोन लिया था। लॉकडाउन के कारण काम बंद हो गया और समय से किस्त नहीं चुकाई जा सकी। हर आधे घंटे में कॉल आती है और फोन पर अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया। अब फोन लिस्ट के सभी नंबरों पर भी कॉल कर धमकी दी जा रही है।
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केस - 2
गंगानगर निवासी व्यक्ति ने बताया कि लोन न चुकाने की बात कहकर उसकी फोटो पर चोर लिख दिया गया। लॉकडाउन के दौरान एक या दो किस्त चुकाने में देरी जरूर हुई थी। एंजेंट फोन पर पैसा चुकाने की बात कह रहे हैं और अभद्र भाषा का प्रयोग करते हैं। एजेंट के अनुसार रिश्तेदारों को संदेश भेजे जा रहे हैं। 

कर सकते हैं शिकायत 
रिजर्व बैंक की साइट पर शिकायत मैनेजमेंट सिस्टम पर क्लिक करें। यहां ऋण धारक को अपनी पर्सनल डिटेल मोबाइल नंबर, नाम, ईमेल आदि अंकित करना होगा। इसके साथ ही आपको फाइनेंस कंपनी और बैंक संबंधी जानकारी देनी होगी। साथ ही शिकायत से संबंधित संपूर्ण जानकारी डालनी होगी। जिसके बाद संबंधित अधिकारी आपसे संपर्क करेंगे।

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अभद्रता का अधिकार नहीं 
बैंक और फाइनेंस कंपनियां अगर वसूली के लिए एजेंट नियुक्त करती हैं तो ग्राहक से जबरदस्ती या अभद्रता का अधिकार नहीं हैं। अगर बिना गारंटर लोन दिया गया है तो रिश्तेदारों को लोन वसूली के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता है। अभद्रता, और धमकी देना अपराध की श्रेणी में आता है। - आनंद कश्यप, अधिवक्ता, बार काउंसिल

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