सत्ता पक्ष के नेता भी दे रहे शह
मेरठ के विकास के लिए जमीन की मांग पहले कई बार उठ चुकी है। बावजूद इसके जिला और पुलिस प्रशासन जमीन उपलब्ध कराने में आनाकानी करता रहता है। नौकरशाहों की नीयत में खोट इसका कारण बताया जा रहा है। परतापुर के मोहकमपुर, मलियाना, पुठा और कुंडा गांव में करोड़ों की सरकारी जमीन है। अवैध कब्जा करने वाले भू-माफिया पर शिकंजा कसने में भी नौकरशाही अड़ंगा डालती रही है। भू-माफिया की सेटिंग लखनऊ तक है और सत्ता पक्ष के कुछ नेता इन्हीं भू-माफिया के इशारे पर चलते हैं।
सीएम की हिदायत का कोई असर नहीं
हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की वर्चुअल मीटिंग में एक जनप्रतिनिधि ने सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे की बात उनके सामने रखी थी। जनप्रतिनिधि ने मांग उठाई कि सरकारी जमीन अवैध कब्जों से मुक्त हो। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को कार्रवाई की हिदायत दी, लेकिन जिला और पुलिस प्रशासन की नींद टूटते नहीं दिख रही है।
सरकारी जमीन पर बिल्डर की भी नजर
बताया जा रहा है कि सरकारी जमीन पर एक बिल्डर की नजर है। इस बिल्डर ने कुछ भू-माफिया के साथ मिलकर यहां प्लाटिंग की तैयारी शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि यह सारा खेल जिला और पुलिस प्रशासन की सांठगांठ से हो रहा है। जानकारी के बावजूद सत्ताधारी दल के नेता खामोश हैं। दरअसल, वे जानते हैं कि कुछ बड़े नेताओं के इशारे पर ही सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे हो रहे हैं।
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