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एक्सक्लूसिव: महंगाई की आग में ठंडे हुए ‘उज्ज्वला’ के चूल्हे, गैस के बढ़ते दामों ने बढ़ाई मुश्किल

Sun, 24 Jan 2021 11:56 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शामली

सार

- गैस के दाम बढ़ने से दस हजार से ज्यादा सिलिंडर नहीं हो रहे रिफिल 
- कुछ एजेंसियों पर 30 प्रतिशत तक सिलिंडर नहीं भरवाए जा रहे
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चूल्हे पर खाना पकाती महिला - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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महिलाओं को धुएं से निजात दिलाने को उज्ज्वला योजना में दिए गए गैस सिलिंडर और चूल्हे की आग महंगाई में ठंडी पड़ गई है। गरीब परिवारों को निशुल्क सिलिंडर तो दे दिए गए, लेकिन गैस के दाम बढ़ने से लाभार्थी इन्हें रिफिल नहीं करा पा रहे हैं। उत्तर प्रदेश के शामली जिले में लगभग दस हजार ऐसे कनेक्शन धारक हैं, जिन्होंने दो माह से सिलिंडर नहीं भरवाए हैं। कुछ गैस एजेंसियों पर तो उज्ज्वला योजना के लगभग 30 से 40 प्रतिशत तक सिलिंडर नहीं भरवाए जा रहे।
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 प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत जिले में 95 हजार 737 गरीब परिवारों को मुफ्त रसोई गैस सिलिंडर और चूल्हे दिए गए थे। जब योजना शुरू हुई तो घरेलू गैस सिलिंडर की कीमत 550 रुपये थी और लगभग 250 रुपये तक की सब्सिडी आ रही थी। सिलिंडर 300 रुपये का पड़ता था। इसके बाद सिलिंडर के दाम बढ़ते गए और सब्सिडी कम होती गई। 

वर्तमान में रसोई गैस का दाम लगभग 700 रुपये है और सब्सिडी 1.75 रुपये मिल रही है। ऐसे में गरीब परिवारों के लिए सिलिंडर रिफिल कराना मुश्किल हो गया है। जिले में उज्ज्वला योजना के लगभग दस हजार कनेक्शन की बीते दो माह से रिफिल के लिए बुकिंग नहीं हुई है।
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कैराना गैस सर्विस के मालिक प्रेमचंद का कहना है कि उनकी एजेंसी पर उज्ज्वला योजना के तहत 1650 गैस उपभोक्ता हैं। इनमें से 30-35 प्रतिशत उपभोक्ता रिफिल नहीं करा रहे। विनायक गैस एजेंसी शामली रोड के प्रबंधक आरिफ का कहना है कि 4200 उपभोक्ता उज्ज्वला योजना के तहत हैं। इनमें से 40 प्रतिशत रिफिल नहीं खरीद रहे।
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मजदूरी में सिलिंडर का खर्च निकालना मुश्किल 
कैराना के आर्यपुरी निवासी शहजाद की पत्नी सितारा का कहना है कि उसके पति मजदूरी करते हैं। दो साल पहले उज्ज्वला योजना में सिलिंडर मिला था। महंगा होने के कारण सिलिंडर भरवा नहीं पा रहे। एक सिलिंडर पूरे एक माह भी नहीं चलता। तीन माह से चूल्हे पर ही खाना बनाना पड़ रहा है। आर्यपुरी के ही निवासी केले की ठेली लगाने वाले दिलदार ने बताया कि महंगा होने के कारण उसने कई महीने से सिलिंडर नहीं भरवाया। घर पर लकड़ी जलाकर चूल्हे पर खाना बनता है। 
 
बोले उपभोक्ता...
शुरुआत में गैस पर खाना पक रहा था, लेकिन अब सिलिंडर के दाम 700 रुपये हो गए हैं। इसलिए सिलिंडर भरवाना मुश्किल हो गया है। एक सिलिंडर एक माह भी नहीं चल पाता। अब लकड़ियों के चूल्हे पर खाना बनाया जा रहा है।  - नासिर शाह, थानाभवन।
 
रसोई गैस के दाम बढ़ने से सिलिंडर खरीदना बंद कर दिया है। जब दाम कम होंगे तभी सिलिंडर खरीदा जाएगा। - संदीप कुमार, थानाभवन। 
 
मजबूरी में चूल्हे पर खाना बनाना पड़ रहा है। कई माह पहले सिलिंडर भरवाया था। महंगा होने के कारण नया सिलिंडर नहीं ले पा रहे।  - शबनम पत्नी दिलशाद, आर्यपुरी कैराना। 
 
सर्दी में गैस की खपत बढ़ जाती है, लेकिन सिलिंडर के दाम बढ़ने से उज्ज्वला योजना के करीब दस हजार कनेक्शन डंप हो गए हैं। सर्दी में भी गैस की बिक्री में बढ़ोतरी नहीं हो पा रही है। - रतन सिंह निर्वाल, अध्यक्ष शामली एलपीजी एसोसिएशन

घरेलू गैस वितरण की व्यवस्था की देखरेख के लिए पेट्रोल कंपनियों के रीजनल मैनेजर नियुक्त हैं। हमें जिले में गैस कनेक्शनों की संख्या की तो जानकारी है लेकिन उनमें से कितने रिफिल नहीं करा रहे, इसका पता नहीं है।  - ओमहरि उपाध्याय, जिला पूर्ति अधिकारी।
 
उज्ज्वला योजना के कितने कनेक्शन धारक रिफिल नहीं ले रहे हैं, इसका कोई डाटा उपलब्ध नहीं है। वर्तमान में सिलिंडर की कीमत लगभग 700 रुपये है और पौने दो रुपये सब्सिडी आ रही है। - गौरव गर्ग, रीजनल सेल्स मैनेजर, आईओसी।
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