शुगर थी फिर भी वैक्सीन लगा दी, दो दिन में माता-पिता की मौत
शास्त्री नगर निवासी स्वाति चौधरी को दो दिन में माता-पिता की छाया से वंचित होना पड़ा। स्वाति का आरोप है कि एसआई पद से सेवानिवृत्त उनके पिता राजवीर सिंह हाई शुगर से ग्रस्त थे। इसके बावजूद भी उन्हें कोविड वैक्सीन लगा दी गई। इसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ती चली गई। चिकित्सकों ने इंसुलिन देना शुरू कर दिया लेकिन, 18 अप्रैल को उनकी मृत्यु हो गई। मां ऊषा को इसी बीच फेफड़ों में इंफेक्शन हो गया। आरटीपीसीआर रिपोर्ट आने तक उन्हें कोविड वार्ड में शिफ्ट नहीं किया गया। 19 अप्रैल को मां की भी मौत हो गई। परिवार में अब स्वाति और उसका छोटा भाई ही रह गए हैं।
जुडवां बच्चों को जन्म देते ही चल बसी मां
छावनी क्षेत्र निवासी गौरव आईटी कंपनी में कार्यरत हैं। दो जुड़वां बच्चों को जन्म देने के बाद उनकी पत्नी की मृत्यु हो गई। एक मई को बच्चों के दादा का भी स्वर्गवास हो गया। गौरव खुद भी कोरोना की चपेट में आ गए। इस दौरान रिश्तेदारों ने बच्चों को संभाला। गौरव कहते हैं कि पत्नी की मृत्यु से बुरी तरह टूट चुका हूं। मुश्किल घड़ी में खुद को संभालकर बच्चों पर ध्यान देने का प्रयास कर रहा हूं।
छह बेटियां पर कमाने वाला चला गया
खरखौदा थाना क्षेत्र के अतराड़ा निवासी नफीस अंसारी मजदूरी कर परिवार चला रहा था। नफीस की छह बेटियां हैं। 26 अप्रैल को नफीस की तबीयत खराब होने पर अस्पताल में भर्ती किया गया। 30 अप्रैल को उनका निधन हो गया। अब परिवार के पास कमाई का साधन नहीं बचा है। बड़ी बेटी रूही और गुलफशां ने कहा कि हम दोनों बहनें मेहनत कर परिवार के भरण-पोषण की कोशिश करेंगी। सबसे छोटी महजू 10 साल की है। गुलफशां ने कहा कि सरकार से मदद मिलने पर ही उनका भविष्य सुरक्षित रह सकता है।