उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए केंद्र सरकार से फैसले पर पुनर्विचार करने तथा बिना संख्या निर्धारण फिजिकल डिस्टेंसिंग की शर्त के साथ मस्जिदों में नमाज अदा करने की इजाजत देने की मांग की है।
बता दें रविवार की रात्रि मस्जिदों के मुतवल्लियों ने भी इसका विरोध किया था। इतना ही नहीं उन्होंने मस्जिदों को खोलने से मना करते हुए प्रशासन की ओर से भेजे गए शपथ पत्रों पर हस्ताक्षर करने से भी मना कर दिया था।
जगह के हिसाब से लोगों की संख्या तय करे सरकार: गोरा
जमीयत दावतुल मुसलीमीन के संरक्षक व प्रसिद्ध आलिम-ए-दीन मौलाना कारी इस्हाक गोरा ने धार्मिक स्थल में पांच लोगों की इजाजत दिए जाने को नाकाफी बताया है।
उनका कहना है कि सरकार फैसले पर पुनर्विचार करे और धार्मिक स्थलों की गुंजाईश देखकर लोगों की संख्या तय करें और उन्हें इबादतगाहों में जाने की अनुमति दे। कारी इस्हाक ने कहा कि धार्मिक स्थलों के जिम्मेदारों को चाहिए कि वे शासन प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग की गाइडलाइन का पालन करें।