- कम पढ़े-लिखे शिक्षकों से पढ़ाने, सुविधाओं के अभाव और परीक्षा शुल्क वसूलने के आरोप दोबारा जांच की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। कपसाड़ गांव में निजी मकान में बिना मान्यता विद्यालय संचालित किए जाने का आरोप लगाते हुए ग्रामीण प्रदीप कुमार ने मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र भेजकर दोबारा जांच और कार्रवाई की मांग की है। शिकायतकर्ता ने विद्यालय में मानक के अनुरूप सुविधाएं नहीं होने, शिक्षकों की योग्यता पर सवाल उठाने और विद्यार्थियों से परीक्षा शुल्क वसूले जाने के आरोप लगाए हैं।
प्रदीप कुमार ने मुख्यमंत्री को भेजे शिकायती पत्र में आरोप लगाया कि विद्यालय में पढ़ाने वाले कुछ शिक्षकों की शैक्षिक योग्यता भी निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं है। कुछ शिक्षक दूसरे लोगों के दस्तावेजों के आधार पर पढ़ा रहे हैं।
शिकायत में विद्यालय में बच्चों के खेलने के लिए मैदान और पर्याप्त शौचालय की व्यवस्था नहीं होने का भी आरोप लगाया गया है। इसके अलावा विद्यार्थियों से 50 रुपये परीक्षा शुल्क लिए जाने की बात कही गई है। शिकायतकर्ता ने इन व्यवस्थाओं की जांच कराने की मांग की है। प्रदीप कुमार का आरोप है कि उन्होंने पहले भी संबंधित अधिकारियों को शिकायत दी थी। शिकायत करने के कारण विद्यालय संचालक द्वारा उन्हें धमकाए जाने का भी आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता के अनुसार, उन्हें झूठे केस में फंसाने की धमकी दी गई। इससे पहले भी शिकायत की गई थी। मानक पूरे नहीं होने पर विभागीय कार्रवाई की बात भी आख्या में कही गई थी। प्रदीप कुमार ने विद्यालय के मान्यता संबंधी दस्तावेज और व्यवस्थाओं की जांच कराने तथा नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कार्रवाई की मांग की है।