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Meerut News: पट्टों पर कब्जे का आरोप, तहसील में धरने पर बैठीं महिलाएं

Fri, 25 Sep 2026 07:38 PM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
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सरधना। पट्टे की जमीन के मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर तहसील परिसर में प्रदर्शन करती महिलाए
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विधान सभा चुनाव में मतदान बहिष्कार की चेतावनी के बैनर लगाए, भाकियू ने दिया समर्थन
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-चरला-निहोरी गांव में वर्ष 2002 में आवंटित कृषि पट्टो का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। ग्राम पंचायत चरला-निहोरी में वर्ष 2002 में आवंटित कृषि भूमि के पट्टों को लेकर विवाद शुक्रवार को तहसील परिसर पहुंच गया। पट्टे की जमीन पर कब्जे का आरोप लगाते हुए बड़ी संख्या में महिलाओं ने एसडीएम कार्यालय के बाहर धरना शुरू कर दिया। मांग पूरी नहीं होने पर विधानसभा चुनाव में मतदान बहिष्कार की चेतावनी देते हुए तहसील परिसर में बैनर लगा दिए। भाकियू अंबावत के प्रदेश सचिव मोनू पंवार ने धरने को समर्थन दिया।
गांव निवासी मांगेराम के अनुसार, वर्ष 2002 में तहसील प्रशासन की ओर से चरला-निहोरी ग्राम पंचायत के 84 पात्र लोगों को कृषि भूमि के पट्टे आवंटित किए गए थे। लाभार्थियों के नाम खतौनी में दर्ज होने का भी दावा किया गया है। आरोप है कि निहोरी गांव के कुछ लोगों ने पट्टे की जमीन पर कब्जा कर रखा है। इससे पट्टाधारकों को वर्षों बाद भी भूमि का लाभ नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि पहले चरला और निहोरी गांव एक-दूसरे से सटे हुए थे, दोनों गांवों का ग्राम प्रधान भी संयुक्त था। इसी दौरान पात्र लोगों को कृषि भूमि के पट्टे दिए गए थे। ग्रामीणों का कहना है कि अब पट्टों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। महिलाओं ने आरोप लगाया कि उन्हें पट्टे निरस्त होने की जानकारी दी गई है, जिससे लाभार्थियों में नाराजगी है।
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धरने पर बैठी मोहसिना, राजेश, समीना, राजो, रोशनी, गुलशन, बलबीरी, रिहाना और जगरोशनी समेत अन्य महिलाओं ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, पट्टों की स्थिति स्पष्ट करने और पात्र लाभार्थियों को भूमि पर कब्जा दिलाने की मांग की। महिलाओं का कहना था कि समाधान होने तक धरना जारी रखा जाएगा।
बिना मिले चले गए एसडीएम
प्रदर्शनकारियों ने एसडीएम से मिलने का प्रयास किया, लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी। महिलाओं का आरोप है कि एसडीएम बिना उनसे वार्ता किए ही तहसील से चले गए। इसके बाद नाराजगी और बढ़ गई। मौके पर पहुंचे भाकियू अंबावत के प्रदेश सचिव मोनू पंवार ने ग्रामीणों की मांग का समर्थन करते हुए धरने में भाग लिया।
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वर्जन
एसडीएम उदित नारायण सेंगर ने बताया कि वर्ष 2021 में हाईकोर्ट से संबंधित पट्टे निरस्त हो चुके हैं। लेखपाल को पूरे मामले की जांच कर आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
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