कैंट बोर्ड की आखिरी बैठक में लगे आरोप-प्रत्यारोप
मेरठ। कैंट बोर्ड की आखिरी बैठक में शुक्रवार को खूब आरोप-प्रत्यारोप लगे। उपाध्यक्ष और सदस्यों ने पूर्व उपाध्यक्ष पर आरोप लगाते हुए बोर्ड को करोड़ों रुपये का नुकसान होने की बात कही। बैठक में सीईओ ने सभी को मर्यादा में रहकर अपना कार्य करने की सीख दी। कैंट बोर्ड की ये आखिरी बैठक थी। इस बोर्ड का कार्यकाल 13 जुलाई को खत्म हो जाएगा। इसके बाद सीईओ और अध्यक्ष बोर्ड चलाएंगे। एक सदस्य को मनोनीत भी किया जा सकता है।
बोर्ड बैठक में 94 बिंदुओं पर चर्चा हुई। आखिरी बिंदु में उपाध्यक्ष बीना वाधवा, सदस्य रिनी जैन, बुशरा कमाल, नीरज राठौड़ और अनिल जैन द्वारा एक सामूहिक प्रस्ताव पूर्व उपाध्यक्ष विपिन सोढ़ी के खिलाफ दिए जाने पर चर्चा हुई। सभी सदस्यों की तरफ से उपाध्यक्ष ने पूर्व उपाध्यक्ष पर गलत म्यूटेशन और अनियमितताओं के आरोप लगाए। चार म्यूटेशन के मामलों को गलत बताया। इन चारों मामलों में अध्यक्ष ने सीईओ से पूरी समीक्षा करने को कहा है। बीना वाधवा ने कहा कि विपिन सोढ़ी के उपाध्यक्ष रहते वह बोर्ड की फाइलें अपने घर मंगवाते थे और बोर्ड के मिनिट्स भी वह तत्कालीन सीईओ को बनाकर देते थे। उन्होंने आरोप लगाया कि कैंट बोर्ड द्वारा संचालित अमृत होटल और अतिथि बेंक्वेट हॉल के केस में वह कैंट बोर्ड के खिलाफ वकील रहे, जिसके कारण कैंट बोर्ड को बड़ी वित्तीय हानि हुई। सोफिया और सेंट मैरी स्कूलों के मामलों में भी वह कैंट बोर्ड के खिलाफ वकील रहे। सदस्य अनिल जैन, रिनी जैन, बुशरा कमाल और नीरज राठौर ने कहा कि वाहन प्रवेश शुल्क वसूली को लेकर उनकी गलत सलाह की वजह से तत्कालीन बोर्ड अध्यक्ष व सीईओ को हाईकोर्ट में घंटों खड़े होना पड़ा। वह बोर्ड के खिलाफ मंत्रालय को शिकायती पत्र भेज रहे हैं, जिस कारण बहुत नुकसान हो रहा है। बैठक में बोर्ड अध्यक्ष ब्रिगेडियर अर्जुन सिंह राठौड़, सीईओ नवेंद्र नाथ, उपाध्यक्ष बीना वाधवा, पूर्व उपाध्यक्ष विपिन सोढ़ी, सदस्य रिनी जैन, बुशरा कमाल, नीरज राठौर, अनिल जैन, धर्मेंद्र सोनकर व कार्यालय अधीक्षक जयपाल सिंह तोमर एवं अन्य सेना के सदस्य शामिल हुए।
मंजू गोयल के बारे में बताते हुए भावुक हुईं बीना
बीना वाधवा ने कहा कि छावनी परिषद हमारे लिए मंदिर की तरह है। हमारी कर्मभूमि है, इससे ही हमारी पहचान है। पूर्व विपिन सोढ़ी ने मातृ सम्मान को ठेस पहुंचाई। सदस्य मंजू गोयल सबकी मां समान थीं, लेकिन उनके खिलाफ धारा 34 का प्रस्ताव लाए। उनके बारे में बताते हुए वह भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि बैठक से एक घंटा पहले उन्होंने सदस्यों को धमकी दी। इनका छावनी के विकास से कोई सरोकार नहीं है।
व्यक्तिगत आरोप न लगाएं
जब विपिन सोढ़ी ने कहा कि किसी पर उन्होंने व्यक्तिगत आरोप नहीं लगाए हैं तो सीईओ नवेंद्र नाथ ने कहा कि वह कोई आरोप लगाएं तो कैंट बोर्ड सीईओ पर लगाएं। अपने किसी साथी से व्यक्तिगत आरोप न लगवाएं। सभी को मर्यादा में रहकर ही कार्य करना चाहिए।
सदस्य बनने के बाद नहीं लड़ा खिलाफ केस
पूर्व उपाध्यक्ष विपिन सोढ़ी ने उन पर लगाए गए आरोपों के जवाब में कहा कि उन्होंने कैंट बोर्ड के खिलाफ जो केस लड़े वह 2015 से पहले थे। जब से वह सदस्य बने उन्होंने विरोध में कोई केस नहीं लड़ा। दोनों पक्षों ने गहमा-गहमी के बीच गवाह बुलाने की बात कही। इस पर बोर्ड अध्यक्ष बिग्रेडियर अर्जुन सिंह राठौर ने कहा कि ये बड़े खेद की बात है। उन्होंने इस तरह बैठक में किसी को बुलाने की बात नहीं मानी। उन्होंने कहा कि हमें आपसी मतभेद भूलकर जनता के कार्य करने चाहिए।
अनुज सिंह को जीओसी इन सी से राहत
पूर्व सीईई अनुज सिंह द्वारा उनकी सेवा समाप्ति के निर्णय के कैंट बोर्ड के निर्णय को अनुज सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट ने अनुज सिंह को पहले जीओसी इन सी के यहां अपील करने को कहा था। अपील पर जीओसी इन ने बरर्खास्तगी के निर्णय को बदलते हुए सेवानिवृत किए जाने का निर्णय दिया है। इस मामले में लीगल राय ली जाएगी।
सीईओ ने दिए तुलसी के पौधे
बैठक के अंत में सीईओ नवेंद्र नाथ ने सभी सदस्यों को तुलसी के पौधे भेंट किए। उन्होंने कहा कि जब ये बोर्ड गठित हुआ था वह डीईओ थे, उन्होंने ही शपथ ग्रहण कराया था। आज जब बोर्ड का कार्यकाल पूरा हुआ है तो वह ही हैं। 13 जुलाई को बोर्ड का कार्यकाल भंग हो रहा है लेकिन जनता के कार्यों के लिए सदस्य कभी भी आ सकते हैं।
इन प्रस्तावों पर लगी मुहर
- प्लास्टिक कूड़े को अलग करके बेचेगा कैंट बोर्ड
- टचिंग ग्राउंड को पक्का करके जमीन में गंदा पानी जाने से रोका जाएगा
- कैंट बोर्ड अस्पताल में कम्युनिटी हेल्थ सेंटर पर रजामंदी
- कबाड़ हुए वाहनों का ठेका, निजी बिल्डिंगों में बंद पड़े सोलर प्लांट कराए जाएंगे चालू