एसडीएम अमित कुमार भारतीय को ज्ञापन सौंपते स्टोर संचालक।
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सरधना। सुपर लॉक डाउन के दौरान नगर में पुलिस ने बिना लाइसेंस के संचालित मेडिकल स्टोर संचालकों पर सख्ती की। आरोप है कि पुलिस ने लाइसेंस होने के बाद भी दो युवकों को हिरासत में लेकर हवालात में बंद कर दिया। गुस्साए स्टोर संचालकों ने सभी स्टोर बंद कर दिए। मामला बढ़ता देख पुलिस ने स्टोर संचालक से लॉक डाउन उल्लंघन का फार्म भरवाकर छोड़ दिया।
डीएम के आदेश पर सुपर लॉक डाउन के दौरान पुलिस ने नगर में सख्ती की। पुलिस ने बिना लाइसेंस के संचालित स्टोर संचालकों को उच्च अधिकारियों का आदेश बताकर सख्ती की। पुलिस ने स्टोर संचालक संजय और आरिफ के स्टोर से एक युवक को हिरासत में लेकर हवालात में बंद कर दिया। इस कार्रवाई से नाराज होकर सरधना केमिस्ट एंड ड्रग एसोसिएशन के अध्यक्ष ने थाने पहुंचकर पकड़े गए युवकों को छोड़ने की मांग की, लेकिन पुलिस ने नहीं छोड़ा। इसके बाद उन्होंने नगर के सभी स्टोर बंद करा दिए। युवक के छोड़ने के बाद शाम को स्टोर संचालक एवं भाजपा नगर अध्यक्ष, नगर में विभिन्न व्यापार मंडल के अध्यक्ष एसडीएम अमित कुमार भारतीय से मिले। उन्होंने पुलिस पर अवैध वसूली के लिए दबाव बनाने का भी आरोप लगाया। इसके बाद एसडीएम ने पूरे मामले की जांच सीओ पंकज सिंह को सौंप दी। वहीं सरधना केमिस्ट ड्रग्स एसोसिएशन के अध्यक्ष जगमोहन बागड़ी ने कहा कि पुलिस लॉक डाउन के उल्लंघन पर कार्रवाई कर सकती है, लेकिन लाइसेंस की जांच करने का कार्य ड्रग्स विभाग एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का है। पुलिस जांच के नाम पर स्टोर संचालकों का उत्पीड़न कर रही है। लाइसेंस रिनुअल कराने की भी करीब छह माह की समय अवधि होती है। वहीं एक स्टोर संचालक पर सन 2020-23 तक का लाइसेंस था उसको भी हवालात में डाल दिया। यदि दोबारा से पुलिस ने उत्पीड़न किया तो स्टोर नहीं खोलेंगे। भाजपा नगर अध्यक्ष राजीव जैन, पश्चिम उत्तर प्रदेश व्यापार मंडल के अध्यक्ष विरेंद्र चौधरी, ललित गुप्ता, नीरज गुप्ता, सत्यप्रकाश माहेश्वरी, सुनील राघव, आबिद मलिक आदि मौजदू रहे।