मेरठ। 70 करोड़ के बकाए भुगतान की मांग को लेकर ठेकेदारों ने शुक्रवार को निगम निर्माण विभाग में हंगामा कर दिया। चीफ इंजीनियर के मौके पर न पहुंचने के कारण ठेकेदार सहायक अभियंता से मिले। ठेकेदारों ने एक जेई पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए स्थानांतरण कराने की मांग की।
ठेकेदार विपिन त्यागी, अतुल दीक्षित के नेतृत्व में ठेकेदारों ने सबसे पहले चीफ इंजीनियर के कार्यालय में बैठक की। काफी देर चीफ इंजीनियर यशवंत कुमार का इंतजार किया, लेकिन वह नहीं पहुंचे। इसके बाद ठेकेदार सहायक अभियंता राजपाल यादव से मिले। अतुल दीक्षित ने कहा कि बकाया भुगतान नहीं किया जा रहा है। इससे कई ठेकेदार आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। निगम अधिकारी बनारस की घटना को दोहराए जाने का इंतजार कर रहे हैं। विपिन त्यागी ने कहा कि जब तक बकाया भुगतान नहीं मिलेगा तब तक कोई ठेकेदार निगम का टेंडर नहीं खरीदेगा। साथ ही चल रहे विकास कार्य भी रुकवाए जाएंगे। इस दौरान इन्होंने जेई केके सिंहल पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। साथ ही जेई को निर्माण का कोई ज्ञान न होने की बात कही। ठेकेदारों ने जेई को उनके मूल विभाग ट्रैफिक में ही भेजने का मांग पत्र नगरायुक्त को भेजा। इस संबंध में जेई केके सिंहल का कहना है कि कुछ ठेकेदार उनसे फर्जी बिल बनवाना चाहते हैं। मना करने पर ये लोग भ्रष्टाचार के आरोप लगा रहे हैं। हमने अपने उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया है। जांच करा ली जाए। उधर जेई के पक्ष में भाजपा पार्षद विपिन जिंदल भी उतर आए हैं। उन्होंने पूरे प्रकरण से नगरायुक्त को फोन पर अवगत कराया। किसी भी कीमत पर जेई का स्थानांतरण नहीं होने दिया जाएगा।