मेरठ। परिवहन विभाग के सभी कार्य अब ऑनलाइन होंगे। दलाल राज पर अंकुश लगाने के लिए विभाग ने साफ्टवेयर में बदलाव किया है। अब डुप्लीकेट आरसी लेने के लिए एफआईआर के साथ फॉर्म-26 और गाड़ी हस्तांतरित के लिए जरूरी प्रमाण पत्रों के साथ फॉर्म 29-30 अपलोड करने होंगे।
दो साल पहले तक आरटीओ विभाग में अधिकतर कार्य मैनुअल हुआ करता था, लेकिन कार्य में पारदर्शिता लाने और दलाल राज पर अंकुश लगाने के लिए विभाग ने डीएल कार्य के लिए सारथी और वाहनों के पंजीकरण के लिए वाहन सॉफ्टवेयर सिस्टम लागू कर दिया है। परिवहन विभाग की नई व्यवस्था के तहत अब गाड़ी ट्रांसफर, डुप्लीकेट आरसी और वाहन पर लोन चढ़वाने ओर कटवाने की मैनुअल प्रक्रिया को भी बंद कर दिया है। एक नवंबर से ये सभी कार्य न केवल ऑनलाइन होंगे, बल्कि जरूरी सभी कागज निर्धारित फीस के साथ सिस्टम पर अपलोड भी करने होंगे।
एआरटीओ श्वेता वर्मा ने बताया कि गाड़ी हस्तांतरित मामले में गाड़ी बेचने वाले और खरीदने वाले को अपने फोटो, आधार कार्ड और पैनकार्ड अपलोड करना होगा। आरसी पर लोन चढ़वाने के लिए फॉर्म-34 और लोन कटवाने के लिए फॉर्म 35 अपलोड करना होगा।