हस्तिनापुर। कस्बे के जैन तीर्थ श्री दिगंबर जैन प्राचीन बड़ा मंदिर में विराजमान भाव भूषण महाराज के परम सानिध्य में श्री शांतिनाथ विधान का ध्वजारोहण के साथ शुभारंभ हुआ।
40 दिवसीय शांतिनाथ विधान के पहले दिन मुख्य वेदी में अभिषेक एवं शांतिधारा की गई। इसके बाद सभी श्रद्धालु ध्वाजारोहण स्थल पहुंचे। ध्वजारोहण करने का सौभाग्य अनिल जैन, रीता जैन, अमन जैन, अर्पित जैन, अनय जैन, अदविक जैन को प्राप्त हुआ। 40 दिनों तक चलने वाले इस महानुष्ठान में मांगलिक कार्य के लिए मंगल कलश की स्थापना श्री नेमप्रकाश जैन, मीना जैन, मनीष जैन, स्वाति जैन, अरिहंत जैन, आराध्या जैन, संदीप जैन, निखिल जैन ने की। शांतिधारा नेमप्रकाश जैन ने की। सहयोग अनिल जैन, आशीष जैन ने किया। मंडल पर अष्टमंगल द्रव, अष्टप्रातिहार्य विराजमान करने का सौभाग्य अंजू जैन, कमला बाई जैन, मधु जैन, सुशीला जैन, उर्मिला जैन, नेहा जैन, मीना जैन, वंदना जैन, मानसी जैन, मीनाक्षी जैन, तरुणा सुमन जैन, रीता जैन आदि को प्राप्त हुआ। शास्त्र जिनवाणी उमा जैन, अनंतवीर जैन द्वारा विराजमान की गई। मंगलद्वीप प्रज्ज्वल करने का सौभाग्य राजीव जैन को प्राप्त हुआ। विधान में लगने वाली समस्त पूजन सामग्री में सहयोग सुदेश जैन, आशीष जैन, तरुणा जैन, अमित, निधि, आरना, अनिका जैन ने सपरिवार किया।
भाव भूषण महाराज ने सभी भक्तों को अपना मंगल आशीर्वाद देते हुए प्रवचन में कहा कि श्री शांति नाथ भगवान की भक्ति संसारी जीवों, प्राणियों को मोक्ष का मार्ग प्रशस्त करती है। 40 दिनों तक श्री शांतिनाथ भगवान की आराधना जीवन में सुख-शांति एवं कष्टों को दूर करने वाली होगी। जहां पर अहिंसा तत्व की सर्वाेपरि प्रधानता हो, वही जैन धर्म है। आदि ब्रह्मा तीर्थंकर ऋषभ देव ने दयामूलक (अहिंसा मूलक) धर्म का निर्माण या प्रवर्तन किया। जो दया से विशुद्ध हो वहीं धर्म है। जीवों की रक्षा ही धर्म है। पुरस्कार नमो जैन द्वारा वितरित किए गए। यंत्र को विराजमान करने व चांदी से निर्मित भव्य सिंहासन राजेंद्र कुमार जैन द्वारा प्रदान किया गया।
क्षेत्र के अध्यक्ष जीवेंद्र कुमार जैन, महामंत्री मुकेश जैन, कोषाध्यक्ष राजेंद्र कुमार जैन, मंत्री राजीव जैन, राजीव जैन, सुनील जैन आदि ने पधारे सभी पात्रों का मांगलिक तिलक एवं माल्यार्पण कर स्वागत एवं सम्मान किया। 40 दिवसीय अनुष्ठान को सुनीता दीदी के दिशा निर्देशन में आशीष शास्त्री व आयुष जैन शास्त्री द्वारा विधान की समस्त मांगलिक क्रियाएं संपन्न की गई। प्रथम दिन 500 परिवार की ओर से विधान किया गया। इस मौके पर मंदिर के महाप्रबंधक मुकेश कुमार जैन, अतुल जैन, उमेश जैन, कमल जैन, गुरमीत, अनुपम, सुदर्शन जैन आदि का सहयोग रहा।