अलहिंद मुस्लिम मंच ने कहा है कि अयोध्या में मंदिर-मस्जिद विवाद का आपसी सौहार्द के साथ बातचीत के माध्यम से ही हल निकाला जाना चाहिए। इस मुद्दे पर मंच दोनों समुदाय के लोगों को जोड़ने के लिए देशभर में अभियान चलाएगा।
सोमवार को अपार चैंबर में आयोजित प्रेसवार्ता में संगठन अध्यक्ष और भाजपा नेता कुंवर बासित अली ने कहा कि यह देश का प्रमुख मुद्दा है। इसका अब हल निकलना चाहिए, क्योंकि इसका राजनीतिकरण हो गया है। राम जन्मभूमि न्यास के पैरोकार रामचंद्र परमहंस और बाबरी मस्जिद मामले के मुद्दई मरहूम हाशिम अंसारी एक साथ अयोध्या से कोर्ट जाया करते थे। यह उनकी भाईचारे की मिसाल थी। इसलिये मुसलमानों और खासकर उलेमाकराम इस मुद्दे पर बात करें और कोर्ट से बाहर बैठकर इसका हल तलाश करें। उन्होंने उलेमा और बुद्धिजीवी मुसलमानों से अपील की है कि वे इस प्रकरण को आपसी बातचीत से सुलझाएं तो उचित होगा।
भाईचारा कायम रहे बस
उन्होंने कहा कि भारतीय मुसलमान हमेशा अमन पसंद और राष्ट्रवादी सोच का रहा है। इसलिए उलेमा और मुसलमानों को आगे आना चाहिए, जिससे इस मुद्दे का हल निकल सके। बासित ने कहा कि सवाल सौ करोड़ हिंदुओं के साथ ही बीस करोड़ मुसलमानों की भी आस्था का है, इसलिए इसका हल ऐसा निकले जिसमें दोनों समुदायों की भावनाओं को ठेस न पहुंचे और देश में भाईचारा कायम रहे। इस मुद्दे के हल के लिये यात्रा भी निकाली जाएगी। इस दौरान अंजुम निजामी, मौ. नदीम, मौ. अख्तर, डॉ. राणा, मौ. शहजाद, जावेद, सरवर आलम, फिरोज हबीब आदि मौजूद रहे।