चीन कोरोना वायरस को लेकर जहां पूरी दुनिया के लोगों में दहशत फैली हुई है वहीं भारत में स्वाइन फ्लू तेजी से अपने पैर पसार रहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली में 1 जनवरी से 16 फरवरी तक स्वाइन फ्लू के 152 मरीज मिल चुके हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, इस मामले में दिल्ली देश में दूसरे नंबर पर है, जहां स्वाइन फ्लू के मामले सबसे ज्यादा मिले हैं। अभी तक तमिलनाडु में सर्वाधिक 174 मरीज मिले हैं। वहीं अब मेरठ में पीएसी के जवानों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि होने के बाद लखनऊ तक हड़कंप मच गया है।
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swine flu
मेरठ में स्वाइन फ्लू बेहद खतरनाक हो गया है। शुक्रवार को स्वाइन फ्लू से तीन और लोगों की मौत हो गई है, जबकि पीएसी के 17 जवान समेत 19 लोगों को स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। स्वाइन फ्लू से मरने वालों की संख्या 12 हो गई है। इनमें 9 मेरठ और तीन अन्य जिलों के हैं।
छठी वाहिनी पीएसी के 441 जवानों को टेमीफ्लू की दवा दी गई है। पीएसी और स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। लखनऊ तक इसकी गूंज पहुंच गई है। लखनऊ से 3 सदस्यीय टीम शनिवार को मेरठ में जांच करने आ रही है।
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swine flu
पीएसी के 27 जवानों को मेडिकल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। 13 जवान बृहस्पतिवार रात भर्ती कराए गए थे, जबकि 14 शुक्रवार सुबह भर्ती कराए गए। इन्हें आइसोलेशन वार्ड में रखा गया है। इनके सैंपल जांच के लिए माइक्रो बायोलॉजी लैब में भेजे गए। इनमें से 17 की रिपोर्ट पॉजिटिव और 10 कि रिपोर्ट नेगेटिव आई है। इन्हें खांसी जुकाम और बुखार की शिकायत है।
मंगलवार और बुधवार को भी दो पीएसी जवानों को स्वाइन फ्लू की पुष्टि हो चुकी है। लगातार केस मिलने से पीएसी में हड़कंप मच गया है। अब जिस भी जवान को खांसी की शिकायत है उसे तत्काल मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया जा रहा है। 29 जवान मेडिकल में भर्ती हैं। दो अन्य लोगों को भी स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है।
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स्वाइन फ्लू
- फोटो : अमर उजाला
स्वाइन फ्लू के यह हैं लक्षण
बुखार के साथ बहती नाक, खांसी और गले में खराश, सांस लेने में दिक्कत, जोड़ों व सिर में दर्द, थकावट व सर्दी लगना, थूक के साथ खून आना।
ऐसे करें बचाव
हाथ मिलाने व गले मिलने से बचें, खांसते व छींकते समय मुंह व नाक पर रुमाल रखें, हाथों को साबुन व पानी से बार-बार धोएं, पानी का अधिक सेवन करें, 101 डिग्री तक बुखार है तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।
चिकित्सक बताते हैं कि हवाई यात्रा इसके फैलने का प्रमुख कारण है। इस वायरस से सीधे बचा नहीं जा सकता, क्योंकि यह हमारे वातावरण में है। इसके लिए जरूरी है कि हम एहतियात रखें और अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाएं।
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- फोटो : amar ujala
इनके लिए है अधिक खतरा
डायबिटीज, फेफडे़ में संक्रमण, हार्ट, लीवर, किडनी रोगी, ब्लड डिस्ऑर्डर जैसी बीमारी वाले मरीज की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। इसके अलावा बुजुर्ग, गर्भवती पांच साल से कम आयु के बच्चे स्वाइन फ्लू की चपेट में जल्दी आते हैं।
स्वाइन फ्लू परीक्षण प्रयोगशाला
- फोटो : concept photo
अस्पतालों में बनाएं अलग से स्वाइन फ्लू वार्ड: सीएमओ
सीएमओ डॉ. राजकुमार ने शुक्रवार को निजी अस्पतालों के प्रबंधक व संचालकों के साथ बैठक की। सीएमओ ने बताया स्वास्थ्य विभाग की टीम उन मरीजों की निगरानी करती है जिन्हें स्वाइन फ्लू होता है। कई बार निजी अस्पतालों से स्वाइन फ्लू के मरीजों की सूचना समय से नहीं मिल पाती है। ऐसे में कई मरीजों में स्वाइन फ्लू होने का पता मृत्यु के बाद चलता है। उन्हें हिदायत दी गई है कि स्वाइन फ्लू की मरीजों की समय से सूचना दें। साथ ही स्वाइन फ्लू वार्ड बनाएं, ताकि बाकी मरीज स्वाइन फ्लू से बच सकें।