मेरठ। देश की शुगर लॉबी यदि गन्ने के दाम तय करने में चीनी की जगह अल्कोहल को प्राथमिकता में रखे तो गन्ना भुगतान की समस्या हल हो जाएगी। ऐसा करने से गन्ने के दामों में बढ़ोत्तरी होने से किसानों को लाभ मिलेगा। यह बातें वरिष्ठ समाजवादी चिंतक गोपाल अग्रवाल ने बांबे बाजार स्थित चेंबर ऑफ कामर्स में पूर्व सांसद चौधरी महाराज सिंह की स्मृति में ‘गन्ना-चीनी समस्या और समाधान’ विषय पर आयोजित व्याख्यान माला में कही।
उन्होंने कहा कि यह मात्र भ्रम है कि गन्ने के दाम बढ़ाने से चीनी के दाम बढ़ जाएंगे। चीनी मिलों का वैज्ञानिक रूपांतरण कर बहुमूल्य ईंधन प्राप्त किया जा सकता है। यह चीनी व अल्कोहल के कारखानों को जोड़ने से संभव है। अन्यथा शीरे की ढुलाई बड़ी समस्या के रूप में सामने आती रहेगी। मिलें यदि गन्ना उत्पादों का प्राथमिक चार्ट बदलकर प्रथम स्थान पर अल्कोहल को रखें तो गन्ने के रेट बढ़ जाएंगे। चौधरी महाराज सिंह भारती के पौत्र मनीष भारती ने कहा कि गन्ने से प्राप्त एथनॉल को 20 प्रतिशत तक पेट्रोल के साथ लेकर उच्च गुणवत्ता का मोटर ईंधन तैयार हो सकता है। आयोजन चौधरी महाराज सिंह भारती स्मृति ट्रस्ट ने किया। विनोद भारती ने पूर्व सांसद के जीवन के संस्करणों, उनकी कृषि नीति पर प्रकाश डाला। अध्यक्षता मेरठ बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मांगेराम एडवोकेट ने की। संचालन युवा सपा नेता सम्राट मलिक ने किया। व्यवस्था सपा नेता बाबर चौहान की रही।
ये रहे मौजूद
पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष संदीप चौधरी, सचिन चौधरी, भाकियू के पूर्व जिलाध्यक्ष गजेंद्र दबथुआ, राजकुमार करनावल, नवाब सिंह अहलावत, चीकू चौधरी, मेरठ बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष राजेंद्र जानी, जयराज सिंह एडवोकेट, सैयद निगत, रीना पटेल, नितिन बालियान, विवेक बालियान, प्रदीप कसाना, वकील गुड्डू मलिक, भावना शर्मा आदि शामिल रहे।