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Meerut News: मानसिक स्वास्थ्य के गुर सीख रहे कृषि विवि के विद्यार्थी

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संवाद न्यूज एजेंसी
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मोदीपुरम। कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य, भावनात्मक संतुलन और व्यक्तित्व विकास को मजबूत बनाने के उद्देश्य से संचालित वैल्यू-एडेड सर्टिफिकेट कोर्स द आर्ट ऑफ बीइंग हैप्पी : फाउंडेशंस ऑफ मेंटल वेल-बीइंग एंड ह्यूमन बिहेवियर के प्रथम पांच मॉड्यूल पूरे हो गए। इस दौरान विद्यार्थियों को आत्म-जागरूकता, सकारात्मक सोच, मानसिक दृढ़ता और स्वस्थ जीवनशैली के व्यावहारिक पहलुओं से परिचित कराया गया।
प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को मस्तिष्क की कार्यप्रणाली, भावनाओं के वैज्ञानिक आधार, बचपन के अनुभवों का व्यक्तित्व पर प्रभाव, पारिवारिक संस्कारों की भूमिका और आधुनिक जीवनशैली से उत्पन्न तनाव के कारणों को सरल एवं वैज्ञानिक तरीके से समझाया गया। स्वयं को समझने, भावनाओं की पहचान और जीवन की चुनौतियों का संतुलित ढंग से सामना करने का अभ्यास कराया गया।
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ओपन साइकोलॉजिकल काउंसलिंग सत्र में करीब 40 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। विद्यार्थियों द्वारा लिखी गई चिंतन पर्चियों के आधार पर मानसिक, भावनात्मक और व्यावहारिक स्तर की 36 प्रकार की समस्याओं की पहचान की गई। इन विषयों पर खुली चर्चा, आत्मचिंतन और सकारात्मक परामर्श के माध्यम से समाधान खोजने का प्रयास किया गया।
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मनोवैज्ञानिक एवं कॅरिअर विश्लेषक सोनी जैन ने विद्यार्थियों को तनाव, चिंता, आत्मविश्वास की कमी, भविष्य को लेकर असमंजस और भावनात्मक उलझनों से निपटने के व्यावहारिक उपाय बताए। उन्होंने कहा कि मानसिक समस्याओं को दबाने के बजाय उन्हें समझना, स्वीकार करना और समय पर साझा करना ही स्वस्थ मानसिक जीवन की पहली शर्त है। संचालन सीआईआर के निदेशक डॉ. पुष्पेंद्र कुमार के निर्देशन में हुआ। आयोजन के समन्वय में डॉ. रचना वर्मा, डॉ. अमित वर्मा, डॉ. हर्ष पंवार, डॉ. अजीत के सिंह, डॉ. आशा बिष्ट आदि मौजूद रहे।
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