पलायन के बाद अब धर्म परिवर्तन की चेतावनी
- गांव भैंसा का मामला, जिलाधिकारी को दिया पत्र, एसडीएम से मिला प्रतिनिधिमंडल
संवाद न्यूज एजेंसी
मवाना। गांव भैंसा में एक बूथ के मतों को निरस्त किए जाने के विरोध में पलायन के बाद अब दलित समाज के लोगों ने धर्म परिवर्तन की चेतावनी दी है। मामले में जिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा है। वहीं समाज का एक प्रतिनिधि मंडल एसडीएम से मिला और दोबारा मतगणना कराए जाने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा।
बता दें कि दो मई की रात को गांव भैंसा की मतगणना के दौरान बूथ न. 10 की सभी वोट निरस्त कर दी गई थी। जिसके बाद मतगणना स्थल पर ही लोगों ने हंगामा किया था। पुलिस ने डंडे फटकार महिला व पुरुषों को भगाया और प्रधान पद के प्रत्याशी श्रवण को हिरासत में लिया था। जिसको बाद में छोड़ दिया गया। गांव के दलित समाज का आरोप है कि सत्ता के दबाव में जानबूझकर बूथ न. 10 की वोटों को निरस्त किया गया है जिससे दूसरे प्रत्याशी को जीत मिल सके। उस समय दलित समाज के लोगों ने बूथ न. 10 पर दोबारा मतदान कराए जाने की मांग की थी।
मंगलवार को दलित समाज के लोगों ने अपने मकानों के आगे मकान बिकाऊ और गांव से पलायन करने के पोस्टर लगा दिए थे। बुधवार को उनकी मांग पूरी नहीं होने पर धर्म परिवर्तन की चेतावनी देते हुए एक ज्ञापन जिलाधिकारी को दिया। वहीं इस संबंध में श्रवण पक्ष का एक प्रतिनिधि मंडल एसडीएम कमलेश गोयल से मिला तथा शिकायती पत्र दिया। जिस पर एसडीएम ने कहा कि इस प्रकार के प्रार्थना पत्र पर कार्रवाई करना उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं है। यदि आपत्ति है तो उन्हें कोर्ट में वाद दायर करना चाहिए वहां सुनवाई कर कार्रवाई की जाएगी। जिसके बाद प्रतिनिधि मंडल वापस लौट गया।