एसएसपी नितिन तिवारी के मुताबिक कैंट बोर्ड की टीम और सदर थाना पुलिस भूसा मंडी में इकराम का अवैध रूप से बनाया गया मकान तोड़ने गई थी। कार्रवाई हो चुकी थी। इसी दौरान एक दर्जन महिलाओं ने पुलिस व कैंट बोर्ड की टीम का विरोध किया। पथराव के साथ सदर थाने के फैंटम सिपाही सतेंद्र कुमार से मारपीट कर वायरलेस सेट, मोबाइल और असलहा छीन लिया। इसकी जानकारी लगने पर सदर बाजार पुलिस मौके पर पहुंची और सात लोगों को हिरासत में ले लिया। लाठी फटकारकर भीड़ को खदेड़ दिया। उस समय तो मामला शांत हो गया था। लेकिन करीब दस मिनट बाद फिर से भीड़ ने हंगामा करते पुलिस और कैंट बोर्ड की टीम से मारपीट करते पथराव कर दिया।
आरोप लगाया कि पुलिस ने भूसा मंडी स्थित एक धार्मिक स्थल में आग लगा दी। आग एक बार लगी तो फैलती ही चली गई। देखते ही देखते करीब 200 झुग्गी झोपड़ियां राख हो गईं। यह आग मछेरान तक फैल गई। अराजकता के माहौल के बीच मछेरान से रेलवे रोड चौराहे और घंटाघर तक दुकानों के शटर गिरने लगे। शहर में तरह-तरह की अफवाहें फैल गईं। डीएम और एसएसपी ने मौके पर पहुंचकर बमुश्किल स्थिति काबू में की।
उधर, कैंट बोर्ड के सीईओ प्रसाद चव्हाण की तरफ से नदीम, समर, मुमताज, रहीसुद्दीन निवासी मछेरान समेत 250 लोगों के खिलाफ थाना सदर पर केस दर्ज कराया है। सात लोगों को हिरासत में लिया गया। बताया गया कि हमले में कैंट बोर्ड सुपरवाइजर राजकुमार, मोहन, हीरालाल, एसओ सदर बाजार विजय गुप्ता समेत कई लोगों को चोटें आईं।
दिल्ली रोड पर उतरे बवाली
भूसा मंडी और मछेरान में आगजनी होते ही 200 से ज्यादा बवाली लोग दिल्ली रोड पर उतर गए। महताब सिनेमा से लेकर केसरगंज और रेलवे रोड तक दर्जनों से ज्यादा वाहनों में तोड़फोड़ शुरू कर दी। रोडवेज बसों में तोड़फोड़ करते लोगों से लूटपाट की गई। महिलाओं से भी अभद्रता की गई। लोगों की कारें तथा टेंपो पलट दिए गए। दिल्ली रोड पर करीब एक घंटा तक अराजकता का माहौल रहा। बवालियों के सामने जो भी वाहन आया, उसको निशाना बनाया गया।
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