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Meerut News: न्याय का भरोसा मिलने के बाद दंपती के शवों का किया अंतिम संस्कार

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आरएएफ के हवलदार और पत्नी के आत्महत्या करने और महिला अधिकारी के उत्पीड़न के मामले की जांच शुरू
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गांव पहुंचे अफसरों ने निष्पक्ष जांच और दोषी के खिलाफ कार्रवाई का दिया आश्वासन


माई सिटी रिपोर्टर

मेरठ। कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र के गणपति एन्कलेव निवासी आरएएफ (रैपिड एक्शन फोर्स) के हवलदार केशपाल (45) और उसकी पत्नी प्रियंका देवी (29) के सल्फास खाकर आत्महत्या करने के मामले की जांच शुरू कर दी गई है। दिल्ली मुख्यालय के आदेश पर आरएएफ कमांडेंट इसकी जांच कर रहे हैं।
सोमवार को पैतृक गांव बागपत के भड़ल धनौरा में परिजनों ने शवों का दाह संस्कार करने से इन्कार कर दिया। दिल्ली से आए आरएएफ के अधिकारियों ने इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया। न्याय का भरोसा मिलने के बाद ही शवों का दाह संस्कार किया गया। वहीं, दंपती की बेटी नाव्या की हालत सही बताई गई। उसे अस्पताल से पैतृक गांव भेज दिया गया है। अभी तक परिजनों इस संबंध में कंकरखेड़ा थाने पर कोई तहरीर नहीं दी है।
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रविवार सुबह अपने आवास पर हवलदार केशपाल (45) ने पत्नी प्रियंका देवी (29) व बेटी नाव्या (15) के जहर खा लिया था। तीनों को आनंद अस्पताल में भर्ती कराया गया। शाम को हवलदार केशपाल की उपचार के दौरान मौत हो गई। देर रात पत्नी प्रियंका देवी ने भी दम तोड़ दिया था। बेटी नाव्या ने आरएएफ की महिला अधिकारी पर उत्पीड़न करने का आरोप लगाया था। इससे परेशान होकर हवलदार और पत्नी-बेटी ने आत्मघाती कदम उठाया था।

सोमवार को कंकरखेड़ा पुलिस ने केशपाल और पत्नी प्रियंका के शवों का पोस्टमार्टम कराने के बाद शवों को परिजनों को सौंप दिया। परिजन दोनों के शवों को लेकर पैतृक गांव भड़ल धनौरा लेकर गए। मेरठ और दिल्ली से आरएएफ के अधिकारी भी धनौरा पहुंचे। अधिकारियों के सामने परिजनों ने महिला अधिकारी के उत्पीड़न के कारण केशपाल और प्रियंका द्वारा जहर खाकर आत्महत्या करने की बात कही। साथ ही न्याय की मांग की।

12 साल के बेटे ने दी मुखाग्नि
बारह साल के बेटे विवान ने पिता और मां को मुखाग्नि दी तो हर आंख नम हो गई। इस दौरान बेटी नाव्या भी मौजूद रही। आरएएफ के अधिकारियों ने परिजनों ने इस मामले के संबंध में जानकारी भी ली। परिजनों को हर संभव सहयोग का आश्वासन भी दिया।
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एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि परिजनों की ओर से अभी तक कोई तहरीर नहीं दी गई है। तहरीर मिलने पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी।

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अधिकारियों का दावा-निलंबन नहीं हुआ


आरएएफ अधिकारियों ने गांव में परिजनों को यह भी बताया कि केशपाल का कोई निलंबन नहीं हुआ था और न ही उसके खिलाफ कोई विभागीय जांच चल रही थी। जबकि बेटी नाव्या ने रविवार को आनंद अस्पताल में भर्ती के दौरान पुलिस को बताया था कि पापा के पास काॅल आया था कि उनको निलंबित कर दिया गया। बेटी ने महिला अधिकारी पर उत्पीड़न करने का आरोप लगाया था।
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