बांग्लादेशी आतंकी को एटीएस द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद उसके पास से मिले पासपोर्ट और आधार कार्ड को लेकर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं। एलआईयू जैसी खुफिया एजेंसी ने भी बिना किसी जांच के अपनी रिपोर्ट लगा दी। पुलिस ने भी न जाने किस तरह पासपोर्ट का वेरिफिकेशन कर मुहर लगा दी।
एटीएस और एसटीएफ की पूछताछ में आतंकी अब्दुल्ला ने देवबंद में रहते हुए सहारनपुर से पासपोर्ट बनाए जाने की बात स्वीकारी है। उसने एटीएस की पूछताछ में यह भी बताया कि पासपोर्ट बनवाने के लिए उसने 9000 रुपये एक व्यक्ति को दिए। इतनी राशि में जब अब्दुल्ला ने जिस व्यक्ति से पासपोर्ट बनवा लिया। उसने न जाने कितने फर्जी पासपोर्ट बनवा लिए होंगे। इससे एलआईयू की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।