जिसका डर था, फिर वहीं हो गया। सोमवार आधी रात और मंगलवार मध्याह्न आफत की बारिश हुई। मंगलवार को तो करीब आधा घंटे की तेज बरसात से शहर के नाले उफन गए और नगर निगम के दावे सड़कों पर गंदगी के साथ बह निकले। अधिकांश इलाके तालाब में बदल गए। भीषण जलभराव से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। ‘अमर उजाला’ ने नालों की सफाई न होने पर पहले ही चेताया था कि अगर तेज बारिश होगी तो शहर तालाब बन जाएगा।
बारिश का इंतजार कर रहे लोगों पर इंद्र देवता आखिरकार मेहरबान हो गए। सोमवार आधी रात मौसम बदलते ही करीब तीन बजे बारिश शुरू हो गई। जो मंगलवार सुबह छह बजे तक रुक रुककर बारिश होती रही। इसके बाद कभी धूप तो कभी बादल बने रहने से फिर से उमस बढ़ गई। इस बीच मध्याह्न करीब 3:30 बजे अचानक काले बादलों ने डेरा जमा लिया, जिससे दिन में ही अंधेरा छा गया। करीब आधा घंटा तक झमाझम बारिश से शहर के अधिकांश हिस्सों में जलभराव हो गया। हालांकि बारिश के चलते मौसम खुशनुमा हो गया और तापमान भी सामान्य से नीचे आ गया। मौसम कार्यालय पर अधिकतम तापमान 32.1 डिग्री व न्यूनतम तापमान तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। अधिकतम आर्द्र्रता 98 व न्यूनतम 76 प्रतिशत दर्ज की गई। मौसम कार्यालय पर बारिश रात में 36 मिमी और शाम चार बजे तक 41.2 मिमी रिकॉर्ड गई है। जबकि बारिश अभी तक 108 मिमी अगस्त माह में हो चुकी है।
दावे हवा हवाई साबित
जरा सी बारिश ने शहर के नालों की सफाई व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी। नगर निगम के नाला सफाई के दावे भी हवाई साबित हुए। नाला सफाई को लेकर नगर निगम समय से जाग जाता तो शायद शहर में जलभराव न होता। आधा घंटे की बारिश से हुए भीषण जलभराव से शहर दो घंटे के लिए बेबस हो गया। ओडियन और आबू नाला हो या फिर अन्य छोटे नाले, सभी सिल्ट से भरे पड़े थे। तेज बारिश के पानी के बहाव के साथ नालों की सिल्ट भी बह निकली। कुछ सिल्ट और कचरा पानी के बहाव के साथ सड़कों पर आ गया। बाकी पानी के साथ आगे काली नदी की तरफ बह गया। यानी नगर निगम का काफी काम बारिश के पानी ने कर दिया। बारिश बंद होने के एक घंटे बाद भी नालों का जलस्तर नीचे नहीं आया। जिसके चलते अधिकांश लोग घरों में कैद रहे।
घरों, दुकानों में घुसा पानी
बरसात के चलते नालों से निकला गंदा पानी लोगों के घरों और दुकानों में भर गया। शहर की यातायात व्यवस्था भी पटरी से उतर गयी। बारिश के दौरान और बाद में जलभराव के स्थानों पर भी जाम लग गया। जिससे वाहन चालकों और पैदल यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
कई इलाके बने तालाब
बारिश के चलते शहर के कई इलाके तालाब में तब्दील हो गए। जिधर देखो उधर पानी ही पानी दिखाई दिया। शहर के नाले आधा घंटे की बारिश भी नहीं झेल पाए। बागपत रोड, रोहटा रोड, छतरी वाला पीर, खैरनगर चौराहा, बच्चा पार्क, एनएएस कालेज, शंकर आश्रम, गोल मार्केट साकेत, खत्ता रोड, माधवपुरम, ब्रह्मपुरी, प्रह्लाद नगर, जाटव गेट, घंटाघर, भूमिया का पुल, नगर निगम परिसर, एसएसपी कार्यालय, कमिश्नरी चौराहा, शास्त्रीनगर, जागृति विहार, रसीद नगर, जाकिर कालोनी आदि सहित अधिकतर इलाकों में भारी जलभराव हुआ। लोग घरों में कैद होने को मजबूर हो गए। जलभराव से गुजरते समय अधिकांश दोपहिया वाहन खराब हो गए। लोगों को काफी दूर तक वाहनों को घसीटकर ले जाना पड़ा। बारिश के चलते मोदीपुरम हाईवे और मुख्य मार्गों पर जलभराव से वाहनों की रफ्तार थम सी गई। शाम चार बजे वाहन चालकों को लाइट जलानी पड़ी।
अब कराएंगे नालों की सफाई
नालों की सफाई की योजना तो बनायी हुई है। लेकिन क्या करते, जब नालों की सिल्ट निकालकर डालने के लिए स्थान ही नहीं था। अब गांवड़ी में व्यवस्था बनी है तो नालों की सफाई कराई जाएगी। -डॉ. कुंवरसेन, नगर स्वास्थ्य अधिकारी
दो दिन बारिश के आसार
ठीक एक माह बाद फिर से अच्छी बारिश हुई है। जुलाई माह में भी अंतिम दिनों में बारिश हुई थी। मंगलवार की बारिश अगस्त में सबसे अधिक रिकॉर्ड की गई है। अभी दो दिन तक बारिश के आसार बने हुए हैं। -यूपी शाही, मौसम वैज्ञानिक, कृषि विवि
पिछले 14 साल में हुई अगस्त माह में बारिश (मिमी में)
2005 86
2006 98.4
2007 56
2008 87 .3
2009 47.2
2010 62.1
2011 75.6
2012 92.7
2013 37.6
2014 88.9
2015 102
2016 91
2017 50.4
2018 108.2