नोट- अन्य केंद्रों के ध्यानार्थ
-सहारनपुर में 7 अक्तूबर को तैयार की जाएगी आगामी रणनीति
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच की स्थापना की मांग को लेकर अधिवक्ताओं ने आर-पार की लड़ाई का बिगुल फूंक दिया है। मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी के हालिया बयान के बाद अधिवक्ताओं में भारी आक्रोश है। आगामी रणनीति तय करने के लिए 7 अक्तूबर 2026 को सहारनपुर में सभी 22 जिलों की आम सभा बुलाई गई है।
केंद्रीय संघर्ष समिति के अध्यक्ष अनुज कुमार शर्मा और संयोजक परवेज आलम ने मुख्यमंत्री के बयान को चेतावनी के रूप में स्वीकार किया है। मुख्यमंत्री ने कहा था कि बेंच स्थापित करने में सरकार असमर्थ है और यह अधिकार केवल सुप्रीम कोर्ट के पास है। अधिवक्ताओं ने इस बयान को अज्ञानता वाला तथ्य करार दिया है। उनका कहना है कि उत्तर प्रदेश में बेंच स्थापित करने का अधिकार राज्य और केंद्र सरकार दोनों को है।
बेंच स्थापना के अधिकार पर विवाद:
अधिवक्ताओं ने याद दिलाया कि आदित्यनाथ योगी स्वयं पहले संसद में इस मांग को उठा चुके हैं। राज्य सभा सदस्य लक्ष्मीकांत वाजपेयी भी कई बार संसद में यह मुद्दा उठा चुके हैं। पूर्व में समाजवादी पार्टी, बहुजन समाजवादी पार्टी और कांग्रेस सहित विभिन्न सरकारों ने इस मांग को उचित ठहराया था। जसवंत सिंह आयोग का गठन भी इसी मांग के स्थान निर्धारण के लिए किया गया था। अधिवक्ताओं का तर्क है कि मुख्यमंत्री का बयान तथ्यों के विपरीत है।
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