- मेरठ कॉलेज में विधिक छात्रों का हुआ दीक्षारंभ समारोह
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। मेरठ कॉलेज के सभागार में सोमवार को पंचवर्षीय विधि (लॉ) कोर्स के नवागंतुक छात्रों का दीक्षारंभ समारोह आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि अतिरिक्त जिला जज रमेश चंद्र कुशवाहा ने छात्रों को न्यायिक प्रणाली के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि वकालत पेशा ही नहीं, सामाजिक जिम्मेदारी भी है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कॉलेज प्रबंध समिति के सचिव विवेक कुमार गर्ग ने की। विशिष्ट वक्ता पूर्व विधि विभागाध्यक्ष प्रो. केके मित्तल रहे। प्राचार्य डॉ. सीमा पंवार सहित कई गणमान्य उपस्थित रहे। इस दौरान बताया गया कि 1893 से मेरठ कॉलेज से हर साल करीब 20 छात्र न्यायिक सेवाओं में चयनित होते हैं। सुप्रीम कोर्ट के जज पंकज मित्तल यहां की शान हैं। इस सत्र में बीए एलएलबी की 120 और बीकॉम एलएलबी की 60 सीटें पूरी भर चुकी हैं।
एडीजे कुशवाहा ने कहा कि पीसीएस-जे से चयनित अधिकारी सात साल बाद हाई ज्यूडिशियल सर्विस परीक्षा दे सकते हैं। न्याय व्यवस्था में जनता का विश्वास ही कानून की जीत है। वकालत पेशा नहीं, समाज के प्रति जिम्मेदारी है। पीड़ित को न्याय दिलाना वकील का धर्म होना चाहिए। सचिव विवेक गर्ग ने एआई के दौर में सही सवाल पूछने की कला पर जोर दिया। सफल वकील तर्क और प्रश्नों का माहिर होता है। प्रो. अंजलि मित्तल ने कानून को समाज सेवा का माध्यम बताया। प्रो. केके मित्तल ने लॉ ऑफिसर की ईमानदारी पर जोर दिया। डॉ. पंवार ने परिश्रम और अनुशासन की सलाह दी। समारोह में 75 प्रतिशत अंक लाने वालों को 1100 रुपये और 80 प्रतिशत वालों को 5100 रुपये नकद पुरस्कार दिया गया। कार्यक्रम में एडवोकेट अंबर साहरण, प्रो. चंद्रशेखर भारद्वाज, डॉ. अरविंद कुमार, डॉ. रवीश कुमार समेत कई शिक्षक-छात्र मौजूद रहे।