मेरठ। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2026-27 से चार वर्षीय एकीकृत शिक्षक शिक्षा कार्यक्रम (आईटीईपी) बीए-बीएड एवं बीएससी-बीएड में प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो गई है। विश्वविद्यालय को इन पाठ्यक्रमों के संचालन के लिए नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजूकेशन (एनसीटीई) से मान्यता प्राप्त हो चुकी है।
विवि की कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला के नेतृत्व में शुरू की गई यह पहल माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक स्तर के लिए दक्ष, प्रशिक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षकों के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। विवि प्रशासन के अनुसार, इस पाठ्यक्रम में प्रवेश नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा आयोजित राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा एनसीईटी (नेशनल कॉमन एंट्रेंस टेस्ट) के माध्यम से होगा। एनसीईटी-2026 का परिणाम चार जून को घोषित किया जा चुका है। इसमें 58,995 अभ्यर्थियों ने परीक्षा में भाग लिया था।
चार वर्षीय एकीकृत कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों को विषय-विशेष ज्ञान के साथ शिक्षण कौशल, विद्यालयीय इंटर्नशिप, शैक्षिक प्रौद्योगिकी तथा शोध आधारित प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। पाठ्यक्रम की अवधि पूर्ण होने पर विद्यार्थियों को स्नातक उपाधि के साथ बीएड की डिग्री भी प्रदान की जाएगी। इससे उन्हें शिक्षक के रूप में बेहतर करियर अवसर प्राप्त होंगे। प्रवेश प्रक्रिया युनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन और राज्य सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप संचालित की जाएगी।
काउंसिलिंग के दौरान मेरिट एवं आरक्षण नीति के आधार पर सीटों का आवंटन किया जाएगा। यह कार्यक्रम शिक्षक शिक्षा में गुणवत्ता, पारदर्शिता और अकादमिक उत्कृष्टता को नई दिशा प्रदान करेगा। अभ्यर्थी पात्रता, प्रवेश प्रक्रिया, काउंसिलिंग एवं महत्वपूर्ण तिथियों से संबंधित विस्तृत जानकारी विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट से प्राप्त कर सकते हैं।