मेरठ। सीसीएसयू कैंपस-कॉलेजों में पीजी में एडमिशन के लिए दो साल से अधिक गैप वाले छात्र-छात्राओं को भी एडमिशन मिलेगा। विवि एक-दो दिन में ऐसे छात्रों को रजिस्ट्रेशन का मौका देगा। छात्र-छात्राओं ने विवि में शिकायत की थी कि दो साल से अधिक गैप वाले छात्र-छात्राओं के रजिस्ट्रेशन नहीं हो पाए हैं।
सोमवार को विवि में प्रवेश समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया है। इसके अलावा एमएमएच कॉलेज में एलएलबी की पहली मेरिट से हुए सभी एडमिशन कैंसिल करके छात्रों को दूसरी मेरिट में एडमिशन लेने के लिए वरीयता दी जाएगी। बीबीए-बीसीए के छात्र-छात्राएं भी अब एमए-एमएससी भूूगोल कोर्स में एडमिशन ले सकेंगे।
एमएमएच कॉलेज में पहली मेरिट से हुए एलएलबी के 220 एडमिशन को कैंसिल कर दिया गया है। एडमिशन पोर्टल का काम देखने वाली कंपनी ने एलएलबी के नौ ऐसे कॉलेजों के नाम पोर्टल पर खोल दिए थे, जिनको बीसीआई से मान्यता पत्र नहीं मिला था। पूरे मामले की जानकारी होने पर विवि ने दूसरी मेरिट को रोक दिया था। अब उन कॉलेजों में से आठ की मान्यता का पत्र विवि में आ चुका है। एमएमएच कॉलेज का मामला कोर्ट में है। ऐसे में विवि ने एमएमएच के सभी एडमिशन को कैंसिल करने का निर्णय लिया है। अब इन छात्र-छात्राओं को दूसरी मेरिट में वरीयता बदलने का मौका दिया जाएगा। इसके साथ ही निर्णय लिया गया कि अब तक पीजी में नॉन प्रैक्टिकल कोर्सों में दो साल से अधिक गैप होने पर छात्रों को सिर्फ प्राइवेट परीक्षा फार्म भरने का ही मौका मिलता था। ऐसे में विवि ने अब इस व्यवस्था में बदलाव कर दिया है। दो साल से अधिक गैप वाले छात्र-छात्राएं रेग्युलर कोर्सों में एडमिशन ले सकेंगे। गैप के नंबर प्रति वर्ष के हिसाब से काटे जाएंगे। विवि प्रशासन ने निर्णय लिया है कि एक-दो दिन में ऐसे छात्रों को रजिस्ट्रेशन का मौका दिया जाएगा, ताकि वे एडमिशन ले सकें। इसके अलावा बीबीए-बीसीए के छात्र-छात्राएं भी एमए और एमएससी भूगोल में एडमिशन ले सकते हैं।