एडमिशन कमेटी की बैठक आज, एलएलबी की ऑनलाइन परीक्षा पर निर्णय छह को
मेरठ। सीसीएसयू से संबद्ध कॉलेजों में एलएलबी-एलएलएम और बीए-एलएलबी में ऑनलाइन परीक्षा पर विवि में शुक्रवार को बैठक हुई। इसमें तय किया गया कि छह जुलाई को डिजिटल कमेटी की बैठक बुलाकर परीक्षा पर निर्णय लिया जाएगा। वहीं, शनिवार को एडमिशन कमेटी की बैठक बुलाई गई है। इसमें यूजी और पीजी में एडमिशन को लेकर निर्णय लिया जाएगा। यूजी में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत नई प्रवेश नियमावली बनाई गई है। इसे लागू किए जाने पर कमेटी अपनी रिपोर्ट बैठक में प्रस्तुत करेगी।
सीसीएसयू कैंपस-कॉलेजों में यूजी-पीजी में एडमिशन को लेकर शनिवार को बैठक बुलाई गई। इसमें 12वीं के रिजल्ट की संभावित तिथि को देखते हुए प्रक्रिया शुरू कराने पर चर्चा होगी। जो छात्र-छात्राएं प्रोन्नत किए जाने हैं, उनके एडमिशन को लेकर भी निर्णय लिया जाना है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत यूजी में नया सिलेबस लागू हो गया है। इसके साथ ही राष्ट्रीय शिक्षा नीति में अब कला के छात्र साइंस के विषय भी पढ़ सकते हैं। ऐसे में एडमिशन प्रक्रिया में भी बदलाव होना है। इसमें 12वीं के विद्यार्थियों को यूजी में अलग-अलग संकाय में किस तरह से एडमिशन दिए जाए, इसे लेकर बनाई गई कमेटी की रिपोर्ट भी बैठक में रखी जाएगी। क्रेडिट स्कोर होने के कारण यदि छात्र तीसरे वर्ष में दूसरे कॉलेज में जाना चाहता है तो उसके लिए क्या प्रक्रिया होगी, ये सब भी नई प्रवेश नियमावली में शामिल किया गया है।
एलएलबी-एलएलएम में ऑनलाइन परीक्षा पर छह को निर्णय
सीसीएसयू से संबद्ध कॉलेजों में वार्षिक की द्वितीय एवं अंतिम वर्ष की परीक्षाएं आठ जुलाई से हो रही हैं। सेमेस्टर की परीक्षाएं 15 जुलाई से हैं। कैंपस में संचालित सीबीसीएस एवं दूसरे कोर्सों की परीक्षाएं 12 जुलाई से होनी हैं। सबसे ज्यादा पेच लॉ में बीए-एलएलबी, एलएलबी और एलएलएम में फंसा हुआ है। बार काउंसिल ऑफ इंडिया की तरफ से एलएलबी की परीक्षाएं ऑनलाइन कराने को भी कहा जा चुका है। ऐसे में कुछ छात्र-छात्राएं ऑनलाइन परीक्षा कराने की मांग कर रहे हैं। इसे लेकर विवि प्रशासन की तरफ से एक डिजिटल कमेटी का गठन किया गया है, जो परीक्षा के पैटर्न पर निर्णय लेगी। दरअसल, एलएलबी में विस्तृत उत्तरीय परीक्षा होती है। ऑनलाइन अगर एप के जरिए भी परीक्षा कराई जाती है तो समस्या ये है कि विस्तृत उत्तरीय प्रश्न कैसे कराए जाएंगे। बहुविकल्पीय परीक्षा में पेच ये फंस सकता है कि छात्र-छात्राएं सवाल उठा सकते हैं कि जब सिलेबस में पहले से विस्तृत उत्तरीय प्रश्न आने हैं तो फिर बहुविकल्पीय प्रश्न क्यों कराए जा रहे हैं। ऐसे में किस तरह से एप बनाया जाए, किस तरह से पैटर्न रखा जाए, परीक्षा हो तो कैसे हो, इस सब पर डिजिटल कमेटी की बैठक में निर्णय लिया जाएगा। विवि प्रशासन ने छात्रों से ऑनलाइन परीक्षा देने पर राय भी मांगी है। जो छात्र-छात्राएं ऑनलाइन परीक्षा देना चाहते हैं, वे आज शाम तक अपने भरे गए परीक्षा फार्म में लॉग इन करके वहां ऑनलाइन परीक्षा दिए जाने का विकल्प भर सकते हैं। रजिस्ट्रार धीरेंद्र कुमार वर्मा ने बताया कि शनिवार शाम तक ये डाटा प्राप्त हो जाएगा कि कितने विद्यार्थी ऑनलाइन परीक्षा देना चाहते हैं। इसके बाद इस पर निर्णय लिया जाएगा।