फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प्रशासन की चाल मंदी, बारिश में हो न जाए चिता ठंडी

विज्ञापन
दौराला- 20 साल पहले वलीदपुर गांव के श्मशान में बना शेड् जर्जर हालत में। स्रोत : ग्रामीण
विज्ञापन
दौराला। मुरादनगर में 2021 में हुए श्मशान कांड से भी प्रशासन ने सबक नहीं लिया है। गांव वलीदपुर में 20 साल पहले श्मशान में बना शेड जर्जर हालत में है। हादसे के डर से ग्रामीण बरसात में भी खुले में अंतिम संस्कार करने को मजबूर हैं। रविवार को गांव की एक महिला की मौत होने पर ग्रामीणों ने दशहत के मारे श्मशान में शेड के बजाए खुले में ही शव का अंतिम संस्कार किया।
विज्ञापन

गांव वलीदपुर की जनसंख्या लगभग छह हजार है। गांव में एक श्मशान है, जिसका शेड लगभग 20 साल पहले बनाया गया था। ग्रामीणों के मुताबिक, शेड की हालत ऐसी है कि यह कभी भी गिर सकता है। हर वक्त हादसे की आशंका बनी रहती है। रविवार को गांव निवासी रीना पत्नी अजय की बीमारी के चलते मौत हो गई थी। रविवार शाम बारिश हो रही थी। इस कारण अंतिम संस्कार नहीं किया। सोमवार को भी दिनभर मौसम में उतार-चढ़ाव का दौर बना रहा। परिजन शव लेकर श्मशान पहुंचे, लेकिन डर के चलते अंतिम संस्कार शेड के नीचे नहीं कर खुले में किया गया।
दोपहर के समय आसमान में बादल छाए तो परिजनों को चिता ठंडी होने का डर बना रहा। इस कारण परिजन श्मशान में ही डटे रहे। इस मामले में ग्रामीणों की ओर से कई बार सीडीओ कार्यालय में नया शेड बनाने के लिए प्रार्थना पत्र दिया गया। इसके अलावा अन्य अधिकारियों के सामने भी यह मांग रखी गई, लेकिन प्रशासन की सुस्त चाल के चलते अब तक नया शेड नहीं बन सका है। (संवाद)
विज्ञापन



ग्रामीणों की मांग पर स्वयं सीडीओ कार्यालय में श्मशान में शेड बनाए जाने के लिए मांग की थी। कई बार दफ्तर के चक्कर लगा चुकी हूं, परंतु कोई समाधान नहीं हुआ। श्मशान में एक ही शेड है, जो पूरी तरह जर्जर हो चुका है और कभी भी भरभरा कर गिर सकता है, जिससे बड़ा हादसा हो सकता है। -राखी कुलदीप, ग्राम प्रधान, वलीदपुर
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें