कैंट बोर्ड बैठक में एडीएम ने साधी चुप्पी, सांसद-विधायक व उपाध्यक्ष नहीं पहुंचे
मेरठ। कैंट में रुड़की-मवाना और दिल्ली रोड पर शुल्क वसूली के मामले में शुक्रवार को अजीब स्थिति नजर आई। बैठक में पूर्व उपाध्यक्ष बीना वाधवा को छोड़कर कोई कुछ बोला ही नहीं। एडीएम तो पूरी तरह से चुप्पी साधे रहे।
शुक्रवार को पब्लिक से जुड़े इस मुद्दे पर बोर्ड बैठक में बोर्ड उपाध्यक्ष विपिन सोढ़ी, कैंट विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल और सांसद राजेंद्र अग्रवाल शुक्रवार को हुई बोर्ड बैठक में नहीं पहुंचे। बैठक शुरू होते ही सीईओ प्रसाद चव्हाण ने कहा कि उन्होंने पहले ही कहा था कि कोर्ट का मामला है। इस पर बोर्ड अध्यक्ष ब्रिगेडियर अनमोल सूद ने कहा कि अगर फैसला वापस नहीं लिया तो आपको भी कोर्ट जाना पड़ेगा। सदस्य अनिल जैन ने कहा कि ऐसा पहली बार हुआ है, जब सीईओ और बोर्ड अध्यक्ष को अदालत में इस तरह जवाब देना पड़ा है।
अध्यक्ष ने कहा कि इस विषय पर किसी को कुछ कहना है तो बैठक में खामोशी छा गई। पूर्व उपाध्यक्ष बीना वाधवा ने एडीएम की तरफ देखते हुए कहा कि आज आप आए हैं, इस पर बोर्ड अध्यक्ष ने कहा कि उनसे दो बार पूछा जा चुका है, वे कुछ नहीं बोल रहे हैं। बैठक में एडीएम अजय तिवारी चुप्पी साधे बैठे रहे। बीना वाधवा ने वकील की कमजोर पैरवी को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि अतिथि बैंक्वेट हॉल और होटल अमृत के मामले में भी ऐसा ही हो रहा है। कमजोर पैरवी से इस तरह के दिन देखने पड़ रहे हैं। पूरे प्रकरण में किसी भी सदस्य के कुछ नहीं बोलने पर बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पास हो गया।
- अंधेरे में न हो जाए वारदात
पूर्व उपाध्यक्ष बीना वाधवा ने कहा कि ऐसा पहली बार हुआ है जब पूरे कैंट में एलईडी बंद पड़ी हैं। 10 दिन के करीब हो गए हैं, लेकिन हर जगह अंधेरा है। बीना वाधवा ने कहा कि लड़कियों-महिलाओं के साथ वारदात हो सकती है। अध्यक्ष ने कहा कि यह बैठक एक ही बिंदु पर बुलाई गई थी। इस मामले में सीईओ को उन्होंने संज्ञान लेने को कहा।
- वर्जन -
एक पारिवारिक कार्यक्रम में होने के कारण बोर्ड बैठक में शामिल नहीं हो पाया। इस मामले में कानूनी पहलू पर गौर कर रहे हैं।
- विपिन सोढ़ी, उपाध्यक्ष, कैंट बोर्ड