खरखौदा के गोआश्रय स्थाल की जांच करते एडीएम प्रशासन साथ में अन्य अधिकारीगण।
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खरखौदा। गोवंशों की मौत पर प्रशासन सख्त नजर आ रहा है। एडीएम प्रशासन सोमवार को खरखौदा एवं लोहियानगर गोआश्रय स्थल की जांच के लिए पहुंचे। जहां खरखौदा गोआश्रय स्थल में कई खामियां मिलीं। यहां कई पशु बीमार मिले तथा गोआश्रय से जल निकासी की व्यवस्था उचित नहीं मिली। इसके बाद एडीएम ने स्थायी गोशाला की जमीन का भी निरीक्षण किया। एडीएम ने एक माह में इसका निर्माण किए जाने का निर्देश दिया।
गोवशों की मौतों पर अयोध्या मिर्जापुर के आठ अफसर सस्पेंड कर दिए गए हैं। यह कार्रवाई सीधी मुख्यमंत्री द्वारा की गई। जिसमें डीएम को भी कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्देश दिया। उन्होंने गोआश्रय स्थलों की व्यवस्था सुधारने की हिदायत दी है। गोआश्रय स्थलों में हो रही गोवश की मौत पर प्रशासन की सख्ती के बाद मंगलवार को एडीएम प्रशासन रामचंद्र स्वयं खरखौदा व लोहियानगर जांच करने पहुंचे। यहां खरखौदा गोआश्रय स्थल में व्यवस्था खराब हालत में मिली। यहां कई पशु मरणासन्न अवस्था में मिले। मौके पर पानी व चारे की व्यवस्था भी खराब मिली। बाद में पशु चिकित्सा अधिकारी को बीमार पशुओं के उपचार में लापरवाही नहीं करने तथा समय से इलाज करने की हिदायत दी। वहीं, बरसात के चलते गोआश्रय स्थल में होने वाले जलभराव को लेकर भी चिंता व्यक्त की तथा मौके पर मौजूद नगर पंचायत अधिशासी अधिकारी शशि प्रभा चौधरी को पशुओं को समय ये पानी व चारे की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। बरसात में गोआश्रय स्थल में होने वाले जलभराव से निपटने की भी व्यवस्था करें। चेतावनी दी कि यदि लापरवाही के चलते किसी गोवंश की मौत होती है तो उसकी जिम्मेदार नगर पंचायत होगी। इस मामले में कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद एडीएम ने स्थायी गोशाला के लिए निर्धारित स्थल की जांच की। इसके बाद उन्हें लोहियानगर स्थित गोआश्रय स्थल पर भी भारी अव्यवस्था मिली। यहां चारे व पानी की उचित व्यवस्था नहीं थी। लोहियानगर की गोआश्रय स्थल में पशुओं के सही रखरखाव की भी चेतावनी दी।
लापरवाही के चलते यदि किसी भी गोआश्रय स्थल या गोशाला में पशु की मौत होती है तो इस मामले में कड़ी कार्रवाई की जाएगी। रामचंद्र, एडीएम प्रशासन मेरठ