मेरठ में सपा नेता आदिल चौधरी को एक बार फिर (तीसरी बार) महानगर अध्यक्ष बनाया गया है। इस दौड़ में शहर के कई मुस्लिम चेहरे थे, मगर बाजी आदिल के हाथ लगी। इसकी वजह उनकी साफ छवि के साथ-साथ जिलाध्यक्ष, शहर विधायक और अतुल प्रधान का करीबी होना रहा। ये तीनों इन्हीं को महानगर अध्यक्ष बनाना चाहते थे। सपा हाईकमान से उन्होंने सिफारिश की थी।
महानगर अध्यक्ष की दौड़ में पूर्व महानगर अध्यक्ष इसरार सैफी, आदिल अंसारी, गुलशेर राणा, जानू चौधरी और शकील भारती आदि थे। सपा के दिग्गज माने जाने वाले नेता भी अपने-अपने करीबी को महानगर अध्यक्ष बनाना चाहते थे, मगर ऐसा नहीं हुआ।
आदिल चौधरी साल 2000 से पार्टी में हैं। 2002 में सपा की कार्यकारिणी के सदस्य बने और 2004 में शहर विधानसभा अध्यक्ष। साल 2007 में युवजन सभा के जिलाध्यक्ष बनाए गए और 2011 में सपा युवजन सभा के प्रदेश सचिव। इसी साल मेरठ दक्षिण सीट से विधानसभा चुनाव लड़े और 50 हजार वोट मिले, तीसरे नंबर पर रहे।
2012 में प्रदेश में सपा की सरकार बनी, तो 2013 में उन्हें महानगर अध्यक्ष बना दिया गया। 2017 में फिर दक्षिण से टिकट मिला, मगर गठबंधन होने के कारण यह सीट कांग्रेस के खाते में चली गई और वह चुनाव नहीं लड़ सके।
साल 2018 में उन्हें फिर महानगर अध्यक्ष बनाया गया। 2019 में कार्यकारिणी भंग कर दी गई। महानगर अध्यक्ष बनाए जाने पर बुधवार को उनका पार्टी कार्यालय पर स्वागत किया गया। उन्होंने कहा कि वह पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ अपने जिम्मेदारी को निभाएंगे। वहीं, सपा नेता सम्राट मलिक को युवजन सभा का प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया है।
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