कोहरे के कारण बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त और समन्वित कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह ने आदेश दिया है कि जिले के सभी हाईवे पर दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट चिह्नित किए जाएं और सड़क हादसों में घायलों के त्वरित उपचार के लिए हाईवे किनारे स्थित कुछ अस्पतालों में बेड आरक्षित रखे जाएं। हाईवे पर वाहन खड़े करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और रात 10 बजे के बाद शराब के ठेके खुले मिलने पर लाइसेंस निरस्त करने के निर्देश दिए गए हैं।
शुक्रवार को कलक्ट्रेट में आयोजित बैठक में डीएम ने परिवहन, लोक निर्माण विभाग, स्वास्थ्य, पुलिस और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा की। उन्होंने कहा कि कोहरे की तीव्रता लगातार बढ़ रही है और इसी के साथ दुर्घटनाओं की संख्या में भी इजाफा हो रहा है। ऐसे में सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ जिम्मेदारी निभानी होगी। डीएम ने पीडब्लूडी अधिकारियों को निर्देशित किया कि ट्रैफिक पुलिस के साथ मिलकर दुर्घटना संभावित स्थानों का निरीक्षण करें और वहां आवश्यक सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित करें।
अवैध कट होंगे बंद
डिवाइडर, कट और खतरनाक मोड़ पर रिफ्लेक्टर लगाने के साथ ही अवैध कट बंद कराए जाएं। सरधना, नानू पुल, रोहटा और जानी कट जैसे संवेदनशील स्थानों पर विशेष रूप से रिफ्लेक्टर लगाए जाने के निर्देश दिए गए हैं। शहर के आईटीएमएस चौराहों और सभी टोल प्लाजा पर यातायात नियमों, कोहरे में सावधानी और सड़क पर वाहन न खड़े करने को लेकर अनाउंसमेंट कराए जाएं। लोगों से अपील की जाए कि अत्यधिक कोहरे में अनावश्यक यात्रा से बचें। चीनी मिलों में गन्ना लेकर आने वाले वाहनों पर रिफ्लेक्टर अनिवार्य रूप से लगाने और शहर व बाहरी मार्गों पर पर्याप्त पथ प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।