एसएसपी रोहित सिंह सजवाण ने एक वीडियो जारी करते हुए बताया कि थाना खरखौदा में मीट फैक्टरी के अंदर अवैध रूप से मीट की पैकेजिंग के मामले में पूर्व मंत्री हाजी याकूब की 31 करोड़ 70 लाख की संपत्ति को चिन्हित कर लिया गया है। इसमें 32 दोपहिया व चार पहिया वाहन भी शामिल हैं। जिलाधिकारी को रिपोर्ट भेज दी गई है। इस चल व अचल संपत्ति को जब्त किया जाएगा।
सोनभद्र जेल में लिए याकूब के बयान
संपत्ति जब्तीकरण करने से पहले मेरठ पुलिस ने पूर्व मंत्री के सोनभद्र जेल में जाकर बयान लिए गए। पुलिस का दावा है कि अवैध रूप से धन अर्जित करके संपत्ति बनाई गई है। हालांकि याकूब के अधिवक्ताओं ने दोनों ही मुकदमों को गलत बताया है। याकूब के दोनों बेटे जमानत पर बाहर आ गए हैं।
फैक्टरी पर अभी नहीं होगी कार्रवाई
एसएसपी रोहित सिंह सजवाण का कहना कि मंगलवार से इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। याकूब की मीट फैक्टरी पर एमडीए की सील लगी है। फैक्टरी में कई साझेदार हैं, उसको अभी जब्त नहीं किया जा सकता है। पुलिस की दस टीम बना दी हैं। अलग-अलग जगह पर संपत्ति है, जिसको जब्त करने में समय लगेगा। मीट फैक्टरी और गैंगस्टर की कार्रवाई पर याकूब पक्ष के अधिवक्ता ने कोर्ट में मजबूत पैरवी की है। याकूब के दोनों बेटों को जमानत मिली है, लेकिन पुलिस द्वारा 31 मार्च 2022 को दर्ज मुकदमे से जुड़े मजबूत साक्ष्य जुटाने के प्रयास किए गए। तत्कालीन एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने याकूब के खिलाफ दर्ज मुकदमे का जिक्र किया था। उन्होंने कहा था कि संगठित गैंग बनाकर अवैध मीट फैक्टरी चलती पकड़ी गई। इसके आधार पर ही कार्रवाई होगी।
याकूब परिवार को नोटिस भेजा
डीएम द्वारा जब्तीकरण का आदेश करने के बाद पुलिस ने याकूब और उनके परिवार को नोटिस भेज दिया है। सीओ किठौर रूपाली राय चौधरी का कहना है कि याकूब की अभी और भी संपत्ति बची है। फिलहाल जिसके आदेश हुए है, उसे जब्त करने के लिए पुलिस टीम बनाई है। याकूब कुरैशी की अरबों की संपत्ति मिली है। और संपत्तियों को चिह्नित करने का काम जारी है।
2019 से निकाला याकूब का रिकॉर्ड
पुलिस का दावा है कि वर्ष 2019 से याकूब की फैक्टरी पर सील लगी थी। इसके बावजूद फैक्टरी को गुपचुप तरीके से चलाया गया। इसका रिकॉर्ड भी पुलिस के पास है। अवैध तरीके्रसे धन अर्जित करके याकूब ने करोड़ों की संपत्ति अर्जित की है। पुलिस ने इस मामले में 245 पन्नों की रिपोर्ट तैयार की है।