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रामलीला में हुआ भरत मिलाप का मंचन

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घंटाघर चौराहे पर शहर रामलीला के भरत मिलाप का मंचन करते कलाकार
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मेरठ।
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शहर रामलीला कमेटी में बृहस्पतिवार को भरत मिलाप का मंचन हुआ। हनुमान जी का डोला श्री सनातन धर्म मंदिर बुढ़ाना गेट से सुभाष बाजार, तहसील, गुजरी बाजार, सर्राफा होता हुआ अनाज मंडी पहुंचा। उसके बाद अनाज मंडी से वैली बाजार होते हुए भरत जी घंटाघर पहुंचे। उधर, श्रीराम का जुलूस बाबा झारखंडी महादेव मंदिर से घंटाघर पहुंचा। जैन धर्मशाला के सामने श्रीराम-भरत मिलाप का मंचन हुआ।
कलाकारों ने दिखाया कि कृपा सागर श्रीराम जी ने लोगों को आता देख पुष्पक विमान को नगर के समीप ही उतारने के लिए कहा। विमान से उतरकर प्रभु ने उससे कुबेर के पास लौटने का आग्रह किया।
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‘आए भरत संग सब लोगा, कृस तन श्रीराम बियोगा।
बामदेव बसिष्ट मुनिनायक, देखे प्रभु महि धरि धनु सायक।’
भगवान राम के दर्शन को भरत जी के साथ अयोध्यावासी भी पहुंचे। श्रीराम के वियोग में सभी दुर्बल हो गए हैं। प्रभु ने वामदेव, वशिष्ठ आदि मुनि श्रेष्ठाें को देखा तो धनुष बाण पृथ्वी पर रखकर लक्ष्मण सहित दौड़कर गुरु के चरण कमल पकड़ लिए। मुनिराज वशिष्ठ ने उन्हें गले लगाकर कुशलता पूछी। प्रभु ने कहा कि आप की कृपा में हम कुशल हैं। श्रीराम ने सभी ब्राह्मणों को मस्तक नवाया। भरत जी ने प्रभु के वे चरण कमल पकड़े जिन्हें देवता, भी प्रणाम करते हैं।
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‘परे भूमि नहिं उठत उठाए, बर करि कृपासिंधु उर लाए।
स्यामल गात रोम भए ठाढ़े, नव राजीव नयन जल बाढ़े।’
भरत जी प्रभु श्रीराम के चरणों में पड़े हैं, उठाये नहीं उठ रहे। तब श्रीराम ने उन्हें जबर्दस्ती उठाकर हृदय से लगा लिया। ऐसे में उनके सांवले शरीर के रोएं खड़े हो गए। नवीन कमल के समान नेत्रों में जल की बाढ़ आ गई। रामलीला आयोजन समिति पदाधिकारी संजीव गुप्ता ने बताया कि शुक्रवार को बुढ़ाना गेट स्थित सनातन धर्म मंदिर से भरत मिलाप शोभायात्रा निकाली जाएगी। आयोजन में शिव कुमार गुप्ता, मनोज माहेश्वरी, पुलकित अग्रवाल, राकेश गर्ग, पवन मित्तल, विकास चौबे, अशोक अग्रवाल, जितेंद्र मणि आदि का योगदान रहा।
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