अधिवक्ता परिषद के 35वें स्थापना दिवस पर राष्ट्रहित में कार्य करने पर जोर
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। अधिवक्ता परिषद ने शुक्रवार को पंडित नानक चंद सभागार में अपना 35वां स्थापना दिवस मनाया। इस अवसर पर अधिवक्ताओं और न्यायिक अधिकारियों ने राष्ट्रहित में सामाजिक और न्याय क्षेत्र में कार्य करने पर जोर दिया। जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा ने कानून का निर्माण भारतीय दृष्टिकोण के अनुसार करने की बात कही।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा ने आत्मा के अनुसार कार्य करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अधिवक्ता परिषद जो कार्य कर रहा है, वह सराहनीय है। परिषद पिछले 35 वर्षों से इसी उद्देश्य से कार्य कर रही है। वक्ताओं ने कहा कि जो व्यक्ति अपने व्यक्तित्व को पाक साफ रखता है, वह राष्ट्र सेवा करता है। उसकी प्रत्येक कृति आत्मा की आवाज सुनकर समाज को उच्च स्तर पर ले जाती है।
मेरठ बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अनुज शर्मा, महामंत्री परवेज आलम, वरिष्ठ अधिवक्ता सुरेंद्र सिरोही, अधिवक्ता परिषद ब्रिज के संरक्षक नरोत्तम कुमार गर्ग और मुख्य वक्ता चरण सिंह त्यागी ने भी अपने विचार रखे। अन्य कई गणमान्य व्यक्तियों ने भी कार्यक्रम में अपनी बात रखी। उन्होंने युवाओं को अपना आचरण अच्छा रखने की सलाह दी। अधिवक्ताओं को न्यायालय में चरित्र निर्माण के साथ न्याय कार्यों में उत्कृष्ट योगदान देना चाहिए। कार्यक्रम में प्रोटेक्शन एक्ट और हाई कोर्ट बेंच की स्थापना की मांग भी रखी गई।
राष्ट्र सेवा और व्यक्तित्व निर्माण:
अधिवक्ता परिषद का मुख्य उद्देश्य व्यक्ति को राष्ट्रहित में उच्च व्यक्तित्व के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित करना है। अधिवक्ताओं ने कहा कि पाक साफ व्यक्तित्व वाला व्यक्ति राष्ट्र की सेवा करता है। उसका हर कार्य आत्मा की आवाज सुनकर समाज को बेहतर बनाता है। जिला जज ने भारतीय कानून निर्माण पर जोर दिया।
न्याय की पहुंच और अधिवक्ताओं का दायित्व:
वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि न्याय समाज के शोषित और अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। युवाओं को अपना आचरण अच्छा रखना चाहिए। न्यायालय में अधिवक्ताओं को अपने चरित्र निर्माण के साथ-साथ न्याय कार्यों में अपना उत्कृष्ट योगदान देना चाहिए।
इस मौके पर अपर जिला जज राकेश कुमार, न्यायिक अधिकारी आलोक द्विवेदी व अन्य अधिकारियों के अतिरिक्त अमित धामा, सतीश कुमार बना, निशांत गर्ग, कोमल त्यागी, अभिषेक दीक्षित, राकेश कुमार, मोहित त्यागी, विक्रम आर्य, मोहित पुंडीर, अनमोल त्यागी, चंदन, हर्ष त्यागी, अनिल, प्रशांत त्यागी, गौरांग बेल्टोरिया, स्पर्श रस्तोगी, सुनील कुमार आदि अधिवक्ता मौजूद रहे।
-