मंगलवार देर शाम भैसाली डिपो से करीब 140 और सोहराबगेट डिपो से करीब 55 बस विक्टोरिया पार्क भेज दी गईं। आरएम केके शर्मा ने बताया कि निर्वाचन विभाग ने दस फरवरी को होने वाले मतदान के लिए बसों का अधिग्रहण किया है। निगम की बसों को अनुबंधित बस रूटों पर लगाकर यात्रियों को राहत दी जाएगी।
विधानसभा चुनाव 2022 के प्रथम चरण में गुरुवार को होने वाले मतदान के लिए परिवहन विभाग ने रोडवेज की करीब 200 अनुबंधित बसों का भी अधिग्रहण कर लिया है। मंगलवार देर शाम को इन बसों को विक्टोरिया पार्क भेज दिया गया। इतनी बड़ी संख्या में बसों के रूटों से हटने के चलते यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। अधिकारियों ने अनुबंधित बसों के रुटों पर निगम की बसों की व्यवस्था करने की बात कही है। वहीं बुधवार को भैसाली डिपो पर यात्री बसों का इंतजार करते नजर आए।
विज्ञापन
भैसाली और सोहराबगेट डिपो के पास करीब 250 अनुबंधित बसें हैं। मतदान के लिए पोलिंग पार्टियों और पुलिस फोर्स को ले जाने के लिए परिवहन विभाग ने करीब 600 बसों की व्यवस्था की है। इसमें रोडवेज की करीब 200 अनुबंधित बसों का अधिग्रहण किया गया है।
मंगलवार देर शाम भैसाली डिपो से करीब 140 और सोहराबगेट डिपो से करीब 55 बस विक्टोरिया पार्क भेज दी गई है। इतनी बड़ी संख्या में बसों के चुनाव में जाने से मेरठ से मुजफ्फरनगर, शामली, बड़ौत, बागपत, गाजियाबाद, मोहननगर, हापुड़, बुलंदशहर आदि रुटों पर बसों की कमी हो गई हैं।
आरएम केके शर्मा ने बताया कि निर्वाचन विभाग ने दस फरवरी को होने वाले मतदान के लिए बसों का अधिग्रहण किया है। निगम की बसों को अनुबंधित बस रूटों पर लगाकर यात्रियों को राहत दी जाएगी। उधर, आरटीओ हिमेश तिवारी का कहना है कि अभी रोडवेज से करीब 200 बसें ली है। अगर प्राइवेट बसों से ही काम चल गया तो यात्रियों को देखते हुए कुछ अनुबंधित बसों को वापस कर दिया जाएगा।