विद्यार्थियों के भविष्य पर किसी की नजर नहीं
स्कूल के सचिव रहे रंजीत जैन की पोल खोलने के लिए बड़ी प्लानिंग की गई। शिक्षिकाओं ने भी रंजीत और उसके बेटे के आचरण को लेकर सवाल भी उठाए थे। यह मामला कमिश्नर तक पहुंचा। स्कूल के घोटाले और अन्य प्रकरण में सिर्फ पुलिस की कार्रवाई ही दिखाई दे रही है। स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों का भविष्य प्रभावित हो सकता है,इस पर किसी विभाग की नजर नहीं है।
याचना भारद्वाज और अब रंजीत जैन की गिरफ्तारी के बाद अगला टारगेट कौन है, इसका अभी खुलासा नहीं किया गया है। हालांकि विवेचक गौरव का कहना है कि पुलिस की जांच में कई ओर नाम सामने आए हैं। उन पर कार्रवाई होनी है।
यह सेटिंग है या फिर कोई संयोग...
यह सेटिंग है या फिर कोई संयोग। ऋषभ स्कूल के घोटाले की जांच सदर बाजार के एसएसआई गौरव कुमार कर रहे हैं। इस मामले में दो नामजद आरोपी हैं। जब भी एसएसआई ने आरोपी गिरफ्तार किए हैं, तभी इंस्पेक्टर छुट्टी पर गए। याचना भारद्वाज की गिरफ्तारी के दौरान भी इंस्पेक्टर छुट्टी पर थे और शनिवार को रंजीत जैन की गिरफ्तारी हुई, तब भी छुट्टी पर रहे।
गजब का संयोग है कि जैसे ही विवेचक गौरव दो पुलिस वाले राजीव मलिक और अंकित के साथ बंगलूरू में पहुंचे, तभी आरोपी रंजीत खुद बंगलुरू से मेरठ के लिए चल दिए। इसका पता लगते ही पुलिस की टीम भी उसी हवाई जहाज में बैठी, जिसमें रंजीत था।
पुलिस के मुताबिक दिल्ली एयरपोर्ट पर आते ही पुलिस टीम ने उसे दबोच लिया। हवाई जहाज का किराया किसने दिया, इसे लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि पुलिस दावा कर रही कि दूरदराज से आरोपी को पकड़ने के लिए और पुलिस विभाग से खर्च मिलता है।