सात वर्ष से जेल में बंद कातिलाना हमले का आरोपी निर्दोष, न्यायालय ने किया बरीसंवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। थाना लिसाड़ी गेट के रहने वाले आरोपी शहनवाज उर्फ टूटा को घटना के पुख्ता साक्ष्य न्यायालय में पेश न होने पर न्यायालय ने बरी कर दिया। घटना 8 साल पहले घटी थी।
आठ साल पहले 24 जून 2018 को शाहपीर गेट स्थित रेस्टोरेंट चलाने वाले तैयब ने थाना लिसाड़ी गेट में केस दर्ज कराया कि वह कैश काउंटर पर रात के 7:45 बजे बैठा हुआ था, तभी एक अज्ञात आदमी आया और बिरयानी मांगने पर उसने बताया कि बिरयानी खत्म हो गई है। इस पर वह गुस्से में आ गया और उसे जान से मारने की नीयत से गोली चला दी। जो उसको कंधे से छूती हुई निकल गई।
न्यायालय में अभियोजन पक्ष की ओर से सात गवाह पेश किए गए। खुद वादी तैयब ने घटना को होना बताया इसके अतिरिक्त पुलिस और डॉक्टर के गवाह पेश किए गए। बचाव पक्ष ने आरोपी को एक साजिश के तहत फंसाया जाने की बात कहते हुए बताया कि उसके विरुद्ध कोई भी पुख्ता साक्ष्य कातिलाना हमला करने के नहीं है ना ही कोई मेडिकल रिपोर्ट है। न्यायालय को अवगत कराया कि 2019 से आरोपी शहनवाज उर्फ टूटा जेल में बंद है। गरीब होने के कारण सरकार की ओर से न्याय मित्र को इस मुकदमे के लड़ने की जिम्मेदारी दी गई। न्यायालय अपर जिला जज विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम आलोक द्विवेदी ने दोनों पक्षों को सुनते हुए कोई पुख्ता साक्ष्य न पाए जाने पर आरोपी को बरी कर दिया। विशेष बात यह रही कि आरोपी पिछले 8 वर्षों से जेल में बंद चला आ रहा है।
किशोरी से छेड़छाड़ के आरोपी को 3 वर्ष का कारावास
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। पंद्रह साल की किशोरी के साथ छेड़छाड़ के आरोपी सचिन उर्फ फुल्ला को न्यायालय अपर जिला जज स्पेशल कोर्ट पोक्सो ने 3 वर्ष के कारावास और चार हजार रुपये के जुर्माना से दंडित किया।
थाना सरधना के एक गांव के रहने वाले ने 7 अक्तूबर 2019 को एफआईआर दर्ज कराई कि वह अपनी पत्नी को ससुराल लेकर गया था। घटना के दिन उसकी नाबालिग बेटी गोबर के उपले पाथने के लिए जा रही थी। तभी रास्ते में आरोपी ने उसका हाथ पकड़ लिया और उसको जबरदस्ती अपने साथ एक कमरे में ले गया। शोर मचाने पर मौके पर गांव के लोग जब पहुंचे तो आरोपी मौके से भाग गया। जिसे बाद में गिरफ्तार कर लिया गया। बृहस्पतिवार को न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आरोपी सचिन उर्फ फुल्ला को दोषी मानते हुए 3 साल के कारावास और चार हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया।