बच्ची के दादा ने आरोपी अनवर के खिलाफ धारा 376, 506 आईपीसी एवं पोक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। यह मुकदमा प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश पोक्सो एक्ट शैलेंद्र पांडेय की कोर्ट में चला रहा था। अभियोजन पक्ष की तरफ से आठ गवाह पेश किए गए। अभियुक्त अनवर पर दोष सिद्ध हुआ। बुधवार को सजा के प्रश्न पर सुनवाई हुई।
अभियुक्त को धारा 376 आईपीसी एवं पोक्सो एक्ट में आजीवन कारावास, 50 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। जुर्माना नहीं देने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास काटना होगा। धारा 506 आईपीसी में तीन साल की सजा एवं तीन हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। सभी सजा एक साथ चलेगी।
अभियुक्त को मिलनी चाहिए थी फांसी की सजा
दुष्कर्म पीड़ित छात्रा के दादा एवं मुकदमे के वादी ने बताया कि न्यायालय पर उसे पूरा विश्वास था। अभियुक्त को आजीवन कारावास की सजा कम है। जिस तरह का उसने अपराध किया है, उसमें उसे फांसी की सजा मिलनी चाहिए थी। वह फांसी की सजा दिलाने के लिए हाईकोर्ट में अपील करेगा।
अधिवक्ता ने फ्री में लड़ा मुकदमा
वादी पक्ष के अधिवक्ता रामकुमार राठी ने फ्री में केस लड़ा। उसने वादी से कोई फीस नहीं ली।
छह बच्चों का पिता है अभियुक्त
वादी ने बताया कि अभियुक्त अनवर के छह बच्चे हैं। घटना वाले दिन उसका परिवार ईंट भट्ठे पर गया हुआ था। वह घर पर अकेला था। इसी दौरान उसने बच्ची के साथ दरिंदगी की।