बुधवार को गिरी पक्ष के महाराज नंदू गिरी ने अपना शरीर त्याग किया तो उनके अनुयायी पक्ष के संत मंदिर परिसर में समाधि के लिए पहुंच गए। इस दौरान वहां मौजूद रामा पूरी पक्ष ने इसका विरोध कर दिया। लेकिन दूसरा पक्ष मंदिर परिसर में ही समाधि बनाने पर अड़े हुए हैं।
बताया गया कि मंदिर की कमेटी पहले ही उपजिलाधिकारी ने भंग कर दी थी और इसका रिलीवर खंड विकास अधिकारी को बनाया गया था।
वहीं आज दोनों पक्षों के संतों में हुए हंगामे और विवाद की सूचना पर भारी पुलिस फोर्स मंदिर परिसर में पहुंच गई। वहीं गिरी पक्ष के संतों ने महाराज नंदू गिरी का पार्थिव शरीर अभी भी मैदान में रखा हुआ है। पुलिस मामले का कोई हल नहीं निकला सकी है। आला अधिकारियों के निर्देश का इंतजार किया जा रहा है।